फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Former bureaucrat challenges large-scale deployment of CAPF during protests in Delhi in High Court

दिल्ली में सीएपीएफ की तैनाती: हाईकोर्ट पहुंचे पूर्व अफसर, कहा- प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का अधिकार नहीं

Fri, 30 Oct 2026 07:06 PM IST
Rahul Kumar Tiwari नई दिल्ली, पीटीआई
नई दिल्ली, पीटीआई Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Fri, 30 Oct 2026 07:06 PM IST
सार

पूर्व सिविल सेवक आशीष जोशी ने दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान सीएपीएफ की बड़े पैमाने पर तैनाती और बार-बार अवधि बढ़ाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में तैनाती का आधार, जवानों की संख्या और संवैधानिक औचित्य बताने की मांग की गई है।
 

विज्ञापन
Former bureaucrat challenges large-scale deployment of CAPF during protests in Delhi in High Court
दिल्ली हाईकोर्ट, Delhi High Court - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व सिविल सेवक आशीष जोशी ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े कार्यों के लिए राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने जनहित याचिका (PIL) दायर कर अदालत से यह घोषित करने का अनुरोध किया है कि नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए सीएपीएफ की तैनाती का आदेश या मंजूरी अपने आप में किसी शांतिपूर्ण सभा को तितर-बितर करने, केवल प्रदर्शन में भाग लेने के कारण किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने या बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं देता है।

विज्ञापन


याचिका में कहा गया है कि किसी भी तरह की दमनात्मक कार्रवाई को आवश्यकता, आनुपातिकता और जवाबदेही से जुड़ी संवैधानिक एवं कानूनी शर्तों पर स्वतंत्र रूप से खरा उतरना होगा। जोशी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआत में CAPF की 301 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 273 कंपनियों की तैनाती की अवधि 31 अक्तूबर 2026 तक बढ़ाई गई। इसके बाद 270 कंपनियों की तैनाती को 16 नवंबर 2026 तक और बढ़ाया गया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इस जनहित याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत महत्वपूर्ण संवैधानिक सवाल उठाए गए हैं। इनमें शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शनों के संदर्भ में ऐसी तैनाती की आवश्यकता, आनुपातिकता, अवधि और समय-समय पर इसकी समीक्षा किए जाने से जुड़े सवाल शामिल हैं। पूर्व सिविल सेवक ने बताया कि उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। जोशी के मुताबिक, याचिका में विरोध प्रदर्शनों से जुड़े कानून-व्यवस्था के कार्यों के लिए दिल्ली में CAPF की बड़े पैमाने पर तैनाती और बार-बार इसकी अवधि बढ़ाए जाने के कानूनी एवं प्रशासनिक आधार की न्यायिक समीक्षा करने की मांग की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वकील अंबुज दीक्षित और अमरीश रंजन पांडेय के माध्यम से दायर इस याचिका में अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे दिल्ली पुलिस की ओर से CAPF की तैनाती के लिए भेजे गए अनुरोधों और केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से जारी मंजूरी एवं अवधि विस्तार के आदेशों का ब्योरा सार्वजनिक करें। याचिका में मंजूरी प्राप्त कंपनियों की संख्या, बल के हिसाब से और तारीखवार उनका पूरा ब्योरा, उनकी स्वीकृत संख्या, दिल्ली में भेजे गए जवानों और ड्यूटी पर रिपोर्ट करने वाले जवानों की संख्या के साथ-साथ विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी ड्यूटी में लगाए गए जवानों का विवरण भी मांगा गया है।

इसके अलावा, याचिका में आतंकवाद विरोधी अभियानों, सीमा सुरक्षा, चुनावी तैयारियों और आपदा प्रबंधन पर CAPF की तैनाती के परिचालन संबंधी प्रभाव के आकलन का ब्योरा भी मांगा गया है। साथ ही, विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी ड्यूटी के लिए CAPF की बड़े पैमाने पर तैनाती को नियंत्रित करने वाला लिखित प्रोटोकॉल तैयार करने की मांग की गई है।

जोशी ने अदालत से यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया है कि 16 नवंबर के बाद CAPF की तैनाती जारी न रखी जाए और न ही इसकी अवधि आगे बढ़ाई जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि ऐसा केवल मौजूदा परिस्थितियों के आकलन और तैनाती की आवश्यकता के आधार पर जारी लिखित एवं तर्कसंगत आदेश तथा अन्य सुरक्षा उपायों के तहत ही किया जा सके।


गौरतलब है कि इस साल जून-जुलाई से मध्य दिल्ली में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों, नागरिक समाज के सदस्यों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ये प्रदर्शन चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े मामलों सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर हो रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed