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ये हैं आप के वो छह बड़े नाम जिन्हें अब कोई नहीं जानता

Wed, 19 Nov 2014 03:52 PM IST
Updated Wed, 19 Nov 2014 03:52 PM IST
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Forgotten leaders of Aam Aadmi party

आम आदमी पार्टी का यह आंकड़ा किसी को भी चौंका सकता है कि पार्टी ने विधान सभा चुनाव से पहले 32 लाख कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में बनाए लेकिन पार्टी को चुनाव के दौरान महज साढ़े आठ लाख वोट ही मिले।

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हालांकि आम चुनाव के पहले ही इस बात के संकेत मिलने लगे थे कि पार्टी संगठन से लेकर नेतृत्व तक सभी मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। बावजूद इसके पार्टी ने चार सौ से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा।
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हालांकि इसी दौरान पार्टी से उन लोगों ने भी किनारा करना शुरु कर दिया जिन्हें कभी पार्टी अपना मजबूत हिस्सा मानती थी। ये वो वक्त था जब ईमानदारी का ठप्पा लगे हुए लोगों का आप की सेना में भर्ती कार्यक्रम चल रहा था।
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जल्द ही आदर्श पार्टी का मुलम्मा उतरने लगा और मजबूत माने जाने वाले इसके नेताओं ने इससे दूरी बनाने का सिलसिला चल पड़ा। सिनेमा से लेकर वीवीआईपी आदमी तक आम बना, लेकिन उसे पार्टी में आम आदमी की जिंदगी रास नहीं आई।

अब हम आपको बताते हैं आप के उन नेताओं के बारे में जो या तो इतिहास का हिस्सा बन गए हैं या जिन्हें पार्टी में अब कोई भी प्रमोट करता नहीं दिखता।

नहीं नजर आते ये नेता

Forgotten leaders of Aam Aadmi party

राजमोहन गांधी

पिछले विधानसभा चुनावों में आप के नेताओं में राजमोहन गांधी एक ऐसा नाम था जिसने सभी जगह सुर्खियां बटोरने में सफलता हासिल की थी। महात्मा गांधी के पोते होने की वजह से उनकी शख्सियत खुद में बड़ी थी।

दिल्ली विधानसभा में पूर्वी दिल्ली से आप के उम्मीदवार के रुप में उतरे राजमोहन गांधी अब कहीं नजर नहीं आते। सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय कार्यकारिणी में तो राजमोहन गांधी मौजूद हैं, पर सक्रियता खत्म हो चुकी है। ऐसा क्यों हुआ कोई नहीं जानता।

गुल पनाग

पूर्व मिस इंडिया और बड़े पर्दे की हीरोइन गुलपनाग चंडीगढ़ सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद से वहां नजर नहीं आतीं। हालांकि इस चुनाव में उन्हें जीत तो नहीं मिली, लेकिन वो तीसरे नंबर पर रहीं।

सूत्र बताते हैं कि चंडीगढ़ और पार्टी कार्यकर्ताओं से उनका संपर्क कम हो गया है। वहीं गुलपनाग इस सवाल को दरकिनार कर अपनी व्यस्तता की बात करती हैं। पार्टी के लिए महज गुल4चेंज नाम का पेज रह गया है।

इनका भी नहीं पता कहां है ये

Forgotten leaders of Aam Aadmi party

जावेद जाफरी

लखनऊ से आप की सीट पर चुनाव लड़ने वाले जावेद जाफरी का भी यही हाल है। जाफरी चुनाव के बाद उस क्षेत्र में नहीं गए जहां से उन्होंने चुनाव लड़ा था। एक पार्टी कार्यकर्ता कहते हैं कि ‘जिस तरह से काम करना चाहिए वैसा काम पार्टी कर नहीं रही है।

हरविंदर सिंह फूल्का


सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मुहिम चलाने वाले हरविंदर सिंह फूल्का पार्टी में लुधियाना से आप के उम्मीदवार बनाये गये थे।

सक्रियता के सवाल पर लगातार घूमने की बात स्वीकारने वाले हरविंदर सिंह फुल्का कहते हैं कि मैं राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हूं और मेरा चंडीगढ़, लुधियाना आना-जाना लगा रहता है।

इनकी भी नहीं है खबर

Forgotten leaders of Aam Aadmi party

बाबा हरदेव सिंह

बाबा हरदेव सिंह उत्तर प्रदेश का चर्चित नाम है। 2007 में प्रशासनिक सेवा से रिटायर हरदेव सिंह को कुशल प्रशासक के तौर पर जाना जाता है। राजनीतिक रुप से जुड़े रहे बाबा हरदेव सिंह चुनाव से ठीक पहले पार्टी से जुड़े और मुलायम सिंह के खिलाफ इन्होंने चुनाव लड़ा।

फिलहाल पार्टी को लेकर उनमें नीरसता का माहौल है। पार्टी से जुड़े होने के सवाल पर उनका ये जवाब साफ इशारा करता है। ‘हां, बस जुड़ा हुआ हूं. जिस तरह से काम करना चाहिए वैसा काम पार्टी कर नहीं रही है।

शाजिया इल्मी

पार्टी से किनारा करने वालों में एक नाम शाजिया इल्मी का भी है। शाजिया ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए पार्टी से अलग होने की सूचना दी थी और आप की कमियों को गिनाया था।

बाद में उन्हें पार्टी में वापस बुलाने की कोशिश हुई पर कामयाबी नहीं मिली। फिलहाल भाजपा से शाजिया की नजदीकी दिखाई दे रही है, लेकिन पार्टी से जुड़ने की बातों को उन्होंने खंडन किया है।

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