फेसबुक और व्हाट्सएप पर विदेशी बना रहे थे महिलाओं को शिकार
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ठगी करने वाले एक इंटरनेशनल गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के सदस्य फेसबुक व वाट्सऐप पर पहले भारतीय महिलाओं से दोस्ती करते थे।
दोस्ती जब गहरी हो जाती थी तो आरोपी महिलाओं के साथ ठगी करते थे। पुलिस ने इस गिरोह के एक नाइजीरियाई डेविड चिबून्ना व पूर्वोत्तर के अन्नी को गिरफ्तार किया है।
इस गिरोह ने कोलकाता की महिला से करीब पौने सात लाख रुपये ठग लिए थे। स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार कोलकाता निवासी लक्ष्मी (बदला हुआ नाम) ने कोलकाता पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसे लंदन निवासी लेविस विलियम्स की ओर से फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी।
नाइजीरियाई और पूर्वोत्तर के व्यक्ति को दबोचा
दोस्ती होने पर वाट्सऐप आदि से बात करने लगे। वाट्सऐप के लिए विलियम्स यूके के मोबाइल नंबर का प्रयोग करता था। जब दोस्ती पक्की हो गई तो विलियम्स ने लक्ष्मी से मिलने के लिए भारत आने का प्लान बनाया।
उसने वाया दुबई होकर लंदन से भारत का एयर टिकट बुक कराया। 6 अप्रैल को जब विलियम्स दिल्ली पहुंचा तो लक्ष्मी के पास निकिता सिंह नामक एक युवक ने फोन किया।
निकिता सिंह ने खुद को कस्टम एजेंट बताते हुए कहा कि अघोषित कैश लाने का कारण विलियम्स को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया है।
तो इस तरह महिला बन गई शिकार
कस्टम एजेंट ने लक्ष्मी से कहा कि उसका नंबर विलियम्स ने दिया है और उसने सहायता करने के लिए कहा है। विलियम्स को छुड़वाने के लिए आरबीआई क्लीयरेंस, फेमा उल्लंघन, कस्टम ड्यूटी आदि के पैसे जमा कराने होंगे।
विलियम्स को छुड़ाने के लिए लक्ष्मी ने दिए गए बैंक खातों में 6,70,752 रुपये जमा करा दिए। इसके बाद जब विलियम्स उससे मिलने नहीं पहुंचा तो उसे लक्ष्मी को ठगे जाने का एहसास हुआ। लक्ष्मी की शिकायत पर मामला दर्जकर कोलकाता पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर ललित मोहन नेगी व हृदय भूषण की टीम को इसी तरीके से ठगे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस टीम ने तफतीश के बाद सोमवार को विलियम्स और उसके साथी अन्नी को गिरफ्तार कर लिया।
अकेली रहने वाली महिलाओं को बनाते थे शिकार
पूछताछ में पता लगा कि विलियम्स का असली नाम डेविड चिबून्ना है और वह नाइजीरिया का रहने वाला है। डेविड फर्जी नाम से फेसबुक एकाउंट बनाता था।
इसके बाद वो भारतीय महिलाओं को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था। वह ऐसी महिला को अपना शिकार बनाते थे तो अकेली रहती थीं। आरोपी भारत में ही रहकर ठगी करते थे।
नगालैंड निवासी सेनयूनी उर्फ अन्नी फर्जी कस्टम एजेंट बनता था। डेविड सात महीने पहले भारत आया था।