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नहीं ली इनकी अनुमति तो प्लॉट होगा अवैध!

Thu, 08 May 2014 04:18 PM IST
भोला पाण्डेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
भोला पाण्डेय/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Thu, 08 May 2014 04:18 PM IST
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For sub-division of plots take permission from municipality
फरीदाबाद नगर निगम सीमा के अंदर आवासीय क्षेत्रों में प्लॉटों का सब डिवीजन कराने के लिए नगर निगम से अनुमति लेनी अब अनिवार्य होगी।
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शर्त यह है कि उस प्लॉट का क्षेत्रफल 60 वर्ग मीटर से कम नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार ने नये बिल्डिंग बॉयलॉज में ये व्यवस्था की है। नया बिल्डिंग बॉयलॉज लागू होने के बाद निगम में नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

दरअसल राज्य सरकार ने अब छोटे प्लॉट की व्यवस्था नये बॉयलॉज में खत्म करने जा रही है। पहले कालोनियों में आवासीय भवनों के लिए 40 वर्ग मीटर न्यूनतम क्षेत्रफल की सीमा रखी थी।
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इससे नीचे के प्लॉटों का नक्शा पास नहीं होता था। नये बिल्डिंग बॉयलॉज के तहत अब ये सीमा बढ़ाकर 60 वर्ग मीटर तक कर दिया गया है। इससे नीचे के प्लॉटों का नक्शा पास नहीं होगा।
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यह भी पढ़ें: तो क्या गरीब लोग नहीं ले पाएंगे प्लॉट

सहायक आर्किटेक्ट व निगम के प्रवक्ता बीएस ढिल्लो का कहना है कि नये ड्रॉफ्ट बॉयलॉज में सरकार ने ये व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि नया बिल्डिंग बॉयलॉज लागू होने के बाद नियमित कालोनियों में प्लॉटों का सब डिवीजन नहीं हो सकेगा।

यदि कोई प्लॉट धारक अपने प्लॉट का सब डिवीजन करना चाहता है तो उसे नगर निगम की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अन्यथा प्लॉट अवैध माना जाएगा और उस पर तोड़फोड़ की भी कार्रवाई हो सकती है। सब डिवीजन करने में भी ये शर्त रखी गई है कि प्लॉट का क्षेत्रफल 60 वर्ग मीटर से कम नहीं होना चाहिए।


औद्योगिक प्लॉट का सब डिवीजन चर्चा में:
औद्योगिक क्षेत्रों के प्लॉटों का सब डिवीजन करने का मामला अभी गरमाया हुआ है। नगर निगम ऐसे प्लॉट का सर्वे करा रहा है जिनका सब डिवीजन किया गया है अथवा किया जाना संभावित है। ऐसे सब डिवीजन की रिपोर्ट सरकार को भेजकर उसे नियमित कराया जाएगा।

व्यवहारिक नहीं है नया बॉयलॉज:
नगर निगम के पूर्व मेयर डॉ. अतर सिंह व जाने-माने आरटीआई कार्यकर्ता केएल गेरा जैसे जानकारों का कहना है कि सरकार जो नया बिल्डिंग बॉयलॉज लागू करने जा रही है वह व्यवहारिक नहीं है। सरकार को लोगों की जरूरतों का ध्यान में रखकर सरल पॉलिसी बनानी चाहिए। सरल पॉलिसी न होने के कारण ही अवैध कालोनियों की बाढ़ हो रही है। दुर्भाग्य है कि सरकार पब्लिक का नहीं बल्कि सेल्फ इंटरेस्ट देख रही है। उनका तर्क है कि यदि किसी कालोनी में एक व्यक्ति के पास 100 वर्ग मीटर का प्लॉट है और उसके दो बेटे हैं तो नये बॉयलॉज के तहत उस प्लॉट का सब डिवीजन नहीं हो पाएगा। क्योंकि सब डिवीजन के लिए प्लॉट का क्षेत्रफल 60 वर्ग मीटर होना चाहिए। दो भाईयों के बंटवारे में 60-60 वर्ग मीटर जमीन आएगी नहीं और सब डिवीजन होगा नहीं।
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