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दीपावली को लेकर यूपी रोडवेज की खास योजना
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 04 Nov 2015 02:20 AM IST
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नोएडा डिपो के एआरएम परवेज बशीर ने बताया कि पर्व पर अलीगढ़, आगरा और मेरठ जाने वाले यात्रियों की संख्या में खासा इजाफा होता है। मेरठ के लिए 26 बसें चलाई जाती हैं।
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यात्रियों की संख्या बढ़ने पर 10 फेरा अतिरिक्त बढ़ाया जाएगा। वहीं अलीगढ़ और आगरा के लिए नौ-नौ बसें चलती हैं। इन रूटों पर 20 अतिरिक्त फेरे बढ़ेंगे। अधिकारियों का कहना है कि डिपो में करीब 70 गाड़ियां रात में होती है।
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पर्व के दौरान सभी बसें सड़क पर होंगी। आम दिनों में नोएडा से करीब 40 हजार यात्री रोजाना सफर करते हैं। इसमें नोएडा डिपो से करीब 20 हजार यात्री शामिल होते हैं। पर्व के दौरान इनकी संख्या में करीब 20 फीसदी इजाफा हो जाता है। नोएडा डिपो से 159 बसें अलग-अलग रूटों पर चलाई जाती हैं। इनमें सिटी के अलावा लंबी दूरी की बसें भी होती हैं।
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इसके अलावा जिले में यूपी रोडवेज के बेड़े में नई बसें जुड़ेंगी। अधिकारियों ने मुख्यालय से 80 बसों की मांग की है। सभी बसें अनुबंध के आधार पर चलाई जाएंगी। हालांकि करीब 10 दिन में पता चलेगा कि नोएडा और ग्रेनो डिपो को कितनी बसें मिलेंगी।
बसों को अभी मरम्मत के बल पर चलाया जा रहा है। अगर इन खटारा और रिटायरमेंट के कगार पर खड़ी बसों को बेड़े से एकाएक हटा दिया जाए तो डिपो में बसों की कमी हो जाएगी। यही वजह है कि अब रोडवेज प्रबंधन मुख्यालय से नई बसें देने की गुहार लगा रहा है।
बेड़े से अलग करने के नियम के मुताबिक ,नोएडा डिपो की करीब एक तिहाई बसों की रिटायरमेंट की उम्र पूरी हो चुकी है। वहीं, एक तिहाई से ज्यादा बसें भी उम्र और किलोमीटर के हिसाब से अपने अंतिम पड़ाव पर हैं। ग्रेनो डिपो की हालत भी करीब-करीब ऐसी ही है। कानपुर डिपो से भेजी गई 42 खटारा बसें भी पूरी तरह मरम्मत पर निर्भर है।
क्या कहता है नियम
अधिकारियों के मुताबिक , उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के नियमानुसार किसी भी रोडवेज बस का संचालन 8 साल और 8 लाख किलोमीटर तक किया जा सकता है। इसके बाद बस को कंडम घोषित कर नीलाम करने का प्रावधान है। मुख्यालय से नीलामी की अनुमति दी जाती है। हालांकि मरम्मत के लिए एजेंसी से 10 साल तक का करार होता है।