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गुड़गांव नगर निगम में बड़ा चारा घोटाला
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 13 Aug 2014 04:38 AM IST
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गुड़गांव नगर निगम में घोटालों को लेकर चल रहे खेल का उजागर हुआ है। जिसमें अधिकारी चारा सप्लाई के नाम पर लाखों का घोटाला कर रहे थे। निगम कमिश्नर द्वारा अचानक फाईल खोले जाने के बाद अब अधिकारी अपनी खाल बचाते दिख रहे है। बताया जा रहा है कि इस घोटाले को दबाने के लिए निगमायुक्त के ट्रांसफर का इंतजार किया जा रहा था।
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लेकिन ऐनवक्त पर निगम कमिश्नर के दांव ने सब पर पानी फेर दिया। सूत्रों के अनुसार इसमें निगम के कई अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में आई है जिस पर जांच शुरू कर दी गई है। गुड़गांव नगर निगम की तरफ से कार्टरपुर में चलाई जा रही गौशाला में पशुओं को चारा सप्लाई के लिए जनवरी माह में नए टेंडर जारी किए गए थे।
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बताया जा रहा है कि गौशाला में चारा सप्लाई को लेकर जनवरी में जारी किए गए नए टेंडर की फाइल को लेकर काफी समय से निगमायुक्त निगरानी कर रहे थे। इस टेंडर प्रक्रिया में मेडिकल ऑफिसर (एमओ) सुमित धनखड़ को पूरी जिम्मेदारी दी हुई थी। सूत्रों के अनुसार चारा सप्लाई को लेकर पिछले कुछ समय से एमओ से टेंडर की फाइल मांगी जा रही थी।
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लेकिन वो देने में आनाकानी कर रहे थे। निगम कमिश्नर ने अपने ट्रांसफर से एक दिन पहले मेयर विमल यादव और डिप्टी मेयर के साथ कार्टरपुरी गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि टेंडर गाइडलाइन के विपरित यहां पर रोजाना 20 किलो चारा की कम सप्लाई दिखाई जा रही थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया गया था। आश्चर्य की बात है कि यहां लगाए गए धर्मकांटे में वजन भी गोलमाल किया हुआ था। जिसे 50 किलो ज्यादा दिखाया जा रहा था। यह पूरा खेल जनवरी माह से लगातार चल रहा था।
सूत्रों के अनुसार इसमें निगम के कई अधिकारियों की भूमिका सामने आ रही है। इस पूरे घोटाले के खुलासे के बाद अधिकारी अब अपनी खाल बचाते नजते नजर आ रहे है। पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है जिसमें दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
कुछ ऐसे हुआ गोलमाल
जांच में सामने आया कि जनवरी माह से प्रतिदिन 20 क्विंटल चारे की कम सप्लाई की जा रही थी। प्रतिक्विंटल 300 रूपये के हिसाब से रोजाना छह हजार रूपये का गोलमाल किया जा रहा था। इतना ही नहीं चारे के वजन में भी धर्मकांटे पर 50 किलो का गोलमाल किया जा रहा था। जनवरी से लेकर अबतक हुए गोलमाल में करीब 13.50 का घोटाला सामने आया है।