बारिश ने डुबोए 200 करोड़: बाढ़ ने मचाई तबाही, स्कूल, बाजार और कारोबार सब बंद, दो लाख लोग रोज प्रभावित
बढ़ते जल स्तर से पुरानी दिल्ली के बाजार कश्मीरी गेट, मोरी गेट, मोनेस्ट्री मार्केट, चांदनी चौक, जामा मस्जिद, भागीरथ प्लेस, लाजपत राय मार्केट, किनारी बाजार, फतेहपुरी, खारी बावली, नया बाजार सबसे ज्यादा व्यापार प्रभावित हुआ है।
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यमुना में बढ़ रहे जलस्तर से दिल्ली के बाजारों पर बुरा असर पड़ रहा है। बढ़ते जल स्तर से पुरानी दिल्ली के बाजार कश्मीरी गेट, मोरी गेट, मोनेस्ट्री मार्केट, चांदनी चौक, जामा मस्जिद, भागीरथ प्लेस, लाजपत राय मार्केट, किनारी बाजार, फतेहपुरी, खारी बावली, नया बाजार सबसे ज्यादा व्यापार प्रभावित हुआ है। क्योंकि ये सभी बाजार यमुना नदी के काफी नजदीक पड़ते हैं और इन्हें रविवार तक के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है। इससे कारोबार लगभग ठप हो गया है।
भारी बारिश और अब बाढ़ की समस्या से व्यापारियों ने अंदाजा लगाया है कि 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि पुरानी दिल्ली के इन सभी बाजारों के व्यापारियों और मार्केट एसोसिएशन से अपील की है कि अगले कुछ दिनों में बाहर से माल की आवाजाही बंद कर दें क्योंकि रोजाना इन बाजारों में माल की हजारों गाड़ियां दिल्ली एनसीआर से आती है। रोजाना लगभग 100 करोड़ का माल खरीदा जाता है, व्यापारी अगले कुछ दिनों में माल नहीं मंगाएंगे तो न ही उनकी दुकान और गोदाम में माल इकट्ठा हो पाएगा और ज्यादा बारिश या पानी इकट्ठा होने पर माल खराब भी नहीं होगा।
इसके अलावा माल की गाड़ियों की आवाजाही नहीं होगी तो सड़कों पर भी ट्रैफिक कम होगा। रेलवे ने पुराने लोहे के पुल पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है। कई ट्रेनों का रूट बदला है, तो कुछ कैंसल भी हुई हैं। इससे भी बहुत से व्यापारी और खरीदार दिल्ली नहीं आ रहे हैं। कश्मीरी गेट मार्केट के अध्यक्ष विनय नारंग ने बताया कि 3-4 दिनों की बरसात और यमुना में आई बाढ़ से 50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की आशंका है। पूरी दिल्ली की बात करें तो लगभग 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।
2 लाख ग्राहक हर रोज पहुंचते है
दिल्ली में रोजाना बाहर से 2 लाख से अधिक ग्राहक आते हैं। रेवाड़ी, गुड़गांव, गाजियाबाद, फरीदाबाद, मेरठ, सोनीपत, पानीपत, पलवल, बागपत, बड़ौत, मुजफ्फरनगर समेत अन्य जगहों से व्यापारी, कर्मचारी और खरीदार बाजारों में पहुंचते है। चांदनी चौक से साड़ी, सूट, लहंगे, भारीरथ पैलेस से इलेक्ट्रॉनिक सामान, चावड़ी बाजार से हार्डवेयर-सैनेट्री का सामान, सदर बाजार से जनरल आइटम्स, करोल बाग से जूलरी, फुटवियर, कपड़े, नेहरू प्लेस से कंप्यूटर-लैपटॉप, कश्मीरी गेट से ऑटो मोटर पार्ट्स का होलसेल काम होता है। होलसेल ट्रेडर्स को ट्रांसपोर्टेशन में दिक्कत आ रही है। दिल्ली के पड़ोस में राई, कुंडली, नोएडा, ट्रॉनिका सिटी, फरीदाबाद, साहिबाबाद, सोनीपत में कई इंडस्ट्रियल एरिया और गोदाम है। वहां से भी व्यापारी अपने माल को नहीं मंगवा पा रहा है।