{"_id":"5db4e3af8ebc3e015f568a73","slug":"five-spina-bifida-patients-out-of-a-thousand-infants-in-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत में एक हजार शिशुओं में से पांच स्पाइना बिफिडा के मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत में एक हजार शिशुओं में से पांच स्पाइना बिफिडा के मरीज
Sun, 27 Oct 2019 05:54 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 27 Oct 2019 05:54 AM IST
विज्ञापन
rml hospital
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत में एक हजार शिशुओं में से पांच स्पाइना बिफिडा नामक रोग के मरीज मिल रहे हैं। इन बच्चों में बीमारी होने के पीछे बड़ी वजह गर्भावस्था के दौरान मां के शरीर में विटामिन की कमी बताई जा रही है।
विज्ञापन
नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) में आयोजित एक कार्यक्रम में न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि गर्भावस्था में महिलाओं के लिए विटामिन बहुत जरूरी हैं। गर्भ धारण करने के तत्काल बाद महिलाओं को इनका सेवन करना चाहिए। हालांकि काफी संख्या में महिलाएं विटामिन सेवन पर ध्यान नहीं दे पाती हैं।
विज्ञापन
स्पाइना बिफिडा बच्चों की रीढ़ से जुड़ा एक दुर्लभ रोग है जिसके कारण शिशु की पीठ पर फोड़ा होता है जबकि कुछ बच्चों में यह फोड़ा गर्दन या सिर में भी दिखाई देता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि ज्यादातर बच्चों में निचले हिस्से की रीढ़ की हड्डी में परेशानी देखने को मिलती है। अगर समय पर जांच हो तो इसका उपचार संभव है। ठीक इसी तरह हाइड्रो सिफेलस नामक बीमारी मस्तिष्क में अत्यधिक पानी जमा होने से होती है। इससे शिशु की जान तक जा सकती है। इसीलिए गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच और विटामिन के सेवन की सलाह दी जाती है।