गैंगरेप में पांच को 10 साल की जेल
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नोएडा के सेक्टर-24 थाना क्षेत्र की किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने और गैंगरेप के मामले में कोर्ट ने सोमवार को पांच लोगों को दोषी करार देते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों सौरभ चौहान, सुनील कुमार, राहुल, हिमांशु शर्मा और नीरज चौहान को किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोप में सात साल जेल व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि गैंगरेप करने पर 10 साल के कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों मामलों में सजा एक साथ चलेगी। इससे पहले भी आरोपियों ने किशोरी के साथ गैंगरेप किया था, जिसका मामला न्यायालय में अभी विचाराधीन है।
पब्लिक प्रोसीक्यूटर ओमप्रकाश यादव ने बताया कि 25 मई 2011 को कक्षा नौ की छात्रा शाम करीब 7:30 बजे घर से रिक्शे में बैठ कर जा रही थी। इस दौरान कार सवार सौरभ चौहान, सुनील कुमार, राहुल, हिमांशु शर्मा और नीरज चौहान ने रिक्शा चालक को पीट कर भगा दिया और छात्रा को जबरन कार में बैठाकर ले गए। इसके बाद उन्होंने उसके साथ होशियारपुर गांव के पास मकान में गैंगरेप किया।
फिर वे पीड़िता को उसके घर के समीप सड़क पर छोड़कर चले गए। छात्रा ने घर जाकर मां को जानकारी दी, लेकिन बदनामी के डर से उन्होंने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। इसके बाद 24 फरवरी 2012 की दोपहर को जब छात्रा दोस्त के साथ नोएडा के प्रदर्शनी पार्क में बैठी हुई थी तो सुनील, राहुल और हिमांशु ने उससे रेप के दौरान वीडियो फिल्म बनाने की बात कही। उन्होंने उससे फिल्म लेने के लिए साथ चलने के लिए कहा। तीनों छात्रा को कार में गांव गिझौड के पास मकान में ले गए। वहां सौरभ और नीरज चौहान भी थे। आरोपियों ने छात्रा को जबरन शराब पिला दी और उससे गैंगरेप किया।
गैंगरेप में तीन को दस साल का कारावास
पब्लिक प्रोसीक्यूटर ओमप्रकाश यादव ने बताया कि 31 मई 2011 को सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले मूलरूप से बुलंदशहर के अगौता गांव निवासी आस मोहम्मद, सुलेमान, नूर मोहम्मद और फरमान मंदबुद्धि युवती को उठाकर ले गए थे। उन्होंने मीट की दुकान के ऊपर बने कमरे में उससे गैंगरेप किया था। परिजनों ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश सेकंड गौतमबुद्ध नगर अनिल कुमार सिंह की न्यायालय में हुई। इसी बीच फरमान की मृत्यु हो गई। सुनवाई में वादी पक्ष ने छह गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोषी करार देते हुए आस मोहम्मद, सुलेमान और नूरमोहम्मद को दस साल जेल और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने पहली वारदात को छोड़कर दूसरी घटना की ही रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद पहली घटना की रिपोर्ट 6 मार्च 2012 को की गई। पीड़िता ने जांच अधिकारी पर आरोपियों को बचाने और पहली वारदात की रिपोर्ट नहीं लिखने समेत कई आरोप लगाए। मामले में पुलिस ने सौरभ चौहान, सुनील कुमार, राहुल, हिमांशु शर्मा, नीरज चौहान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था।
जुर्माने की आधी राशि दी जाएगी पीड़िता को
सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (सेकंड) गौतमबुद्ध नगर अनिल कुमार सिंह की न्यायालय में हुई। इस दौरान आठ गवाह पेश किए गए। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को दी जाएगी।