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गुरुग्राम में लगेगा प्रदेश का पहला मलबा रि-साइकिलिंग प्लांट
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Mon, 22 May 2017 06:34 PM IST
सार
नोट: महत्वपूर्ण खबर-- फोटो नंबर-9
-बसई में साढ़े तीन करोड़ की लागत से बनेगा, एक साल में चालू करने का लक्ष्य
-निजी कंपनी लगाएगी प्लांट, किया गया भूमि पूजन
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शहर को मलबा मुक्त बनाने के लिए प्रदेश का पहला मलबा रि-साइकिलिंग प्लांट गुरुग्राम में लगाया जा रहा है। गांव बसई में करीब साढ़े तीन एकड़ में बनने वाले इस प्लांट के लिए सोमवार को भूमि पूजन किया गया। प्लांट का निर्माण एवं संचालन आईएल एंड एफएस कंपनी द्वारा किया जाएगा।
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भूमि-पूजन के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए निगमायुक्त वी. उमाशंकर ने कहा कि प्लांट का निर्माण कार्य एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, कंपनी प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि वे इस वर्ष के अंत तक प्लांट में पहला प्रोडक्ट बनाना शुरू कर देंगे।
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उन्होंने बताया कि नगर निगम मलबा डालने के लिए अलग-अलग स्थान चिह्नित करेगा, जहां पर सीएंडडी वेस्ट डाला जा सकेगा। इन स्थानों से कंपनी मलबा उठाकर प्लांट में लाया जाएगा। मलबे से सीमेंट ब्रिक्स, ब्लॉक टाइल्स, टाइल्स सहित अन्य कई प्रकार के उत्पाद बनाए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में बनने वाला प्रदेश का यह पहला प्लांट होगा। प्लांट के शुरू होने के बाद शहर में इधर-उधर मलबा दिखाई नहीं देगा। निगमायुक्त ने बताया कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के कारण यहां सीएंडडी वेस्ट की मात्रा में काफी वृद्धि हुई है।
इसमें प्रतिवर्ष करीब 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मिलेनियम सिटी में सीएंडडी वेस्ट के प्रोसेसिंग की कोई वैज्ञानिक प्रणाली नहीं है। यह वेस्ट या तो सड़क के किनारे या अरावली क्षेत्र में फेंक दिया जाता है। कूड़े के साथ मिलकर लैंडफिल में चला जाता है। इस तरह से यह नालों को रोकता है, यातायात को बाधित करता है।
एक दिन में 300 टन मलबा होगा रिसाइकिल
कंपनी के उपाध्यक्ष देवाशीष त्रिपाठी ने बताया कि प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 300 टन मलबा प्रोसेसिंग की होगी। प्लांट के निर्माण पर करीब करोड़ रुपये की लागत आएगी। उन्होंने बताया कि शहर में जिन स्थानों पर फिलहाल मलबा पड़ा हुआ है, उन स्थानों की पहचान कर ली गई है।
अब वहां से मलबा उठाकर प्लांट तक लाया जाएगा। प्लांट में मलबे से बनने वाले उत्पाद का अन्य निर्माण कार्यों में उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि कंपनी दिल्ली के बुराड़ी और शास्त्री पार्क में प्लांट संचालित कर रही है। कंपनी के मुताबिक, गुरुग्राम में करीब 700 टन मलबा प्रतिदिन निकलता है।
भूमि पूजन के अवसर पर संयुक्त निगमायुक्त-एक अलका चौधरी, मुख्य अभियंता एमआर शर्मा, वरिष्ठ नगर योजनाकार सुधीर चौहान, एसडीओ पवन एवं राजेन्द्र यादव, जेई विकास शर्मा एवं अखलाख अहमद, आईएल एंड एफएस के प्रोजेक्ट मैनेजर एवं प्लांट हेड नीरज चन्द्रा, उपाध्यक्ष जीके चावला, उप्पल, माधुरी सिंह, राजकुमार एवं देवेन्द्र पांडेय आदि उपस्थित थे।