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दिल्ली: एम्स में भीषण आग, पांच मंजिलों पर भारी नुकसान, इमरजेंसी वार्ड बंद, कोई हताहत नहीं

Sat, 17 Aug 2019 07:43 PM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Prachi Priyam Updated Sat, 17 Aug 2019 07:43 PM IST
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Fire broke out in first floor and second floor of AIIMS Delhi near Emergency ward
Fire in AIIMS - फोटो : ANI

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के टीचिंग ब्लॉक में शनिवार शाम भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इमरजेंसी वार्ड के पास दूसरी मंजिल से फैलनी शुरू हुई। लपटें और धुआं देखकर मरीजों और तीमारदारों में भगदड़ मच गई। धुआं भरने के चलते इमरजेंसी वार्ड को बंद कर दिया गया। दूसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के बाद एसी का कम्प्रेशर फटने से लगी आग देर रात चौथी और पांचवीं मंजिल तक पहुंच गई। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद तीन दर्जन दमकल की मदद से रात 11:10 बजे इस पर काबू पाया जा सका। आग के चलते कोई हताहत नहीं हुआ। एम्स की ओर से मरीजों के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-26593308 जारी किया गया है।

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पुलिस के मुताबिक शनिवार शाम 4:50 बजे सबसे पहले टीचिंग ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर माइक्रोबायलोजी विभाग में आग लगी। देखते ही देखते इसकी चपेट में पहली और तीसरी मंजिल भी आ गई। 35 दमकल वाहनों और करीब 40 कर्मचारियों ने करीब 1 घंटे 35 मिनट में पहली तीन मंजिल की आग पर काबू पा लिया, लेकिन थोड़ी ही देर में चौथी और पांचवीं मंजिल पर आग लग गई। देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी हालात का जायजा लेने एम्स पहुंचे। 
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मरीजों को दूसरी बिल्डिंग, अस्पताल में भेजा
इससे पहले आग लगने के बाद भूतल पर बने इमरजेंसी वार्ड से मरीजों को बाहर निकाला गया। गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग से करीब 32 मरीज निकाले गए। इनमें कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। अस्पताल के कर्मचारी मेडिकल उपकरण लेकर नीचे आ गए। मरीजों का बाहर ही इलाज शुरू कर दिया। पास की इमारतों के मरीजों को दूसरी जगह भर्ती किया गया। बारिश के बावजूद कई मरीज बाहर स्ट्रेचर पर ही लेटे रहे। बाद में गंभीर हालत वाले मरीजों को सफदरजंग ले जाया गया।

आग पर काबू पाने में आई दिक्कतें
चीफ फायर आफिसर डॉ. अतुल गर्ग ने बताया कि शुरुआत में दो दर्जन दमकलकर्मी और 22 वाहन पहुंचे थे, बाद में 13 और वाहन तथा एक दर्जन कर्मचारियों को बुलाना पड़ा। शाम करीब 6:25 बजे तीन मंजिलों की आग पर नियंत्रण हो गया था, लेकिन बाद में आग ऊपरी मंजिल पर पहुंच गई। दिल्ली अग्निशमन विभाग के निदेशक विपिन केंतल ने बताया कि जिस इमारत में आग लगी उसके पिछले हिस्से में कुछ अस्थायी निर्माण था। वहां कुछ जनरेटर भी रखे थे। इस वजह से दमकल वाहन आग बुझाने के लिए पिछले हिस्से तक नहीं पहुंच सके।


किस मंजिल पर क्या है

पहली, दूसरी, और तीसरी मंजिल पर टीचिंग ब्लॉक। चौथी और पांचवीं मंजिल पर सर्जरी, हड्डी रोग और यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी है।

मरीजों की जांच रिपोर्ट और ब्लड सैंपल नष्ट
इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, हालांकि बड़ी संख्या में मरीजों की जांच रिपोर्ट और जुड़े रिकॉर्ड तथा ब्लड सैंपल नष्ट हो गए। ओपीडी में रखे कंप्यूटर और मरीजों से जुड़े कागजात भी जल गए। अगले कुछ दिन तक संस्थान में मरीजों को रक्त जांच से जुड़ी परेशानी हो सकती है। वहीं, लाखों मरीजों के इलाज से जुड़ी जानकारियों के अलावा शोध व प्रशासनिक दस्तावेज भी नष्ट हो गए।

पास ही भर्ती हैं पूर्व वित्त मंत्री जेटली
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली भी सांस लेने में तकलीफ के बाद नौ दिन से एम्स में भर्ती हैं। जिस ब्लॉक में आग लगी उससे ठीक 200 मीटर दूर स्थित कार्डिएक न्यूरो सेंटर में उनका इलाज चल रहा है। एम्स प्रबंधन के अनुसार, कार्डिएक न्यूरो सेंटर तक किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
 

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