UP: RTI कार्यकर्ता पर फायरिंग के मामले में 11 के खिलाफ FIR, जिला न्यायालय के एओ, ईडी कोर्ट की अहलमद भी आरोपी
आरटीआई कार्यकर्ता अमित किशोर जैन पर फायरिंग के मामले में जिला न्यायालय के अधिकारियों, अधिवक्ताओं और अन्य के खिलाफ हत्या की साजिश और झूठी गवाही का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
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लिंकरोड थाने में जिला न्यायालय के प्रशासनिक अधिकारी सत्येंद्र वर्मा, ईडी कोर्ट में तैनात अहलमद खंजन, नकल विभाग के हीरालाल वर्मा, भजन सिंह बिष्ट समेत तीन अधिवक्ता और दो अन्य लोगों समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सभी के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, हत्या का प्रयास और झूठी गवाही देने का आरोप है। यह मुकदमा लिंकरोड थाना क्षेत्र के चंद्र नगर स्थित रामप्रस्था कॉलोनी निवासी आरटीआई कार्यकर्ता अमित किशोर जैन पर 16 जून की रात हुई फायरिंग के मामले में दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आरटीआई कार्यकर्ता अमित किशोर जैन पर 16 जून की सुबह करीब 11 बजे पार्क में टहलते समय अंजान व्यक्ति ने फायर किया था। इसके बाद आरोपी वहां से भाग निकला था। दर्ज मुकदमे में आरटीआई कार्यकर्ता ने जिला न्यायालय के एओ सत्येंद्र वर्मा, ईडी कोर्ट की अहलमद खंजन, अधिवक्ता सुबोध त्यागी, अधिवक्ता अभिषेक त्यागी, अधिवक्ता सागीर अली, कॉलोनी के ही रहने वाले सतीश कुमार और एक अन्य व्यक्ति अनुराग गर्ग समेत एक अज्ञात व्यक्ति पर एक राय होकर हत्या की साजिश रचने और हत्या का प्रयास कराने का शक जताया है।
साथ ही उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में यह भी लिखा है कि अगर भविष्य में उनकी हत्या होती है या फिर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया जाता है, तब उसकी पूरी जिम्मेदारी इन्हीं नामजद लोगों की होगी। बताया कि वह 3700 करोड़ की धोखाधड़ी और ईडी के कई मुकदमों में मुख्य सरकारी गवाह हैं। इसके बावजूद उन्हें बार-बार अलग-अलग तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोप है कि सतीश कुमार नाम के व्यक्ति ने कुछ दिन पहले ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी। 16 जून को हुई फायरिंग को भी उन्होंने इसी साजिश का हिस्सा बताते हुए कार्रवाई करने की मांग की है।
डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने बताया कि मामले में लिंकरोड थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। मामले में जो भी आरोप लगाए गए हैं, सभी की गंभीरता से जांच की जाएगी। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।