आम बजट में ‘जीएसटी लागू करें वित्तमंत्री, छूट का दायरा बढ़ाएं’
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केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली फिलहाल वार्षिक लेखा-जोखा संसद में पेश करने की तैयारी में व्यस्त हैं। कारोबारी हों या नौकरीपेशा, आम आदमी व गृहणियां, हर तबके की सरकार से अपेक्षाएं हैं।
राजधानी के उद्यमी भी चाहते हैं कि उनको बजट राहत दे और बेजान पड़े कारोबार में उछाल भी आए। हालांकि ज्यादातर कारोबारियों का कहना है कि केंद्र सरकार जल्द ही जीएसटी लागू करे। साथ ही आयकर छूट का दायरा बढ़ाया जाए।
राजधानी में करीब 52 औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां के करीब एक लाख लघु उद्योगों में छह लाख से ज्यादा मजदूर काम करते हैं। सबसे ज्यादा फैक्ट्री गारमेंट, फर्नीचर, इलेक्ट्रानिक मशीनरी की है। राजधानी में जीडीपी में इनका योगदान करीब 17 फीसदी है।
इनमें कई आयात इकाइयां है, जिन्हें चीन से करारी टक्कर लेनी पड़ रही है। उद्यमियों का कहना है कि बजट में वित्त मंत्री को लघु उद्योगों के लिए उत्पाद, सेवा व व्यापार कर में छूट देने के साथ विशेष पैकेज का प्रावधान करना चाहिए, जिससे उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सके।
ये है कारोबारियां की अपेक्षा
वित्त मंत्री को कर ढांचा कुछ इस तरह तैयार करना चाहिए, जिससे कारोबारियों को राहत मिले। खास तौर से उत्पाद और सेवा कर की दरें घटाई जाएं। आयकर का दायरा बढ़ाकर पांच लाख किया जाए। वहीं उत्पाद शुल्क में छूट पांच करोड़ तक की जाए।
-देवराज बवेजा, अध्यक्ष, दिल्ली व्यापार महासंघ
औद्योगिक क्षेत्र के भीतर किराये पर दिए जाने वाले मकानों पर टैक्स की दरें कम हों। साथ ही कर ढांचा आसान किया जाए, जिससे छोटे व्यापारियों को दलाल और बिचौलियों के चक्कर में न फंसना पड़े। इससे लघु उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा।
- एसके महेश्वरी, महासचिव, पटपड़गंज इंड्रस्ट्रियल एरिया
कारोबारियों के लिए कर छूट की सीमा बढ़ाई जाए। जीएसटी लागू करने की दिशा में संजीदगी से काम हो। एक तो मांग कम है, वहीं छोटे कारोबारी अपने सौ रुपये के सामान पर 25 रुपये का टैक्स दे रहे हैं। फायदा कुछ भी नहीं है। इसके अलावा आए दिन होने वाली हड़तालों में सरकार को सुरक्षा भी मुहैया करानी चाहिए।
-विनय कुमार, महासचिव, पालिका बाजार शॉप कीपर्स वेलफेयर एसोसिएशन
सर्विस टैक्स की विसंगतियां दूर हों। साथ ही वित्त मंत्री को इस साल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) जरूर लागू करना चाहिए। इसकी दरें भी बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए। 18 फीसदी से जीएसटी की दरें ऊपर जाने पर कारोबारियों को इसका फायदा नहीं मिल सकेगा।
- अतुल कुमार, अध्यक्ष, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन