{"_id":"0c900854b437b2bfbac8c41214a4b99c","slug":"fear-of-monkeys-in-modinagar","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदीनगर में बंदरों के डर से लोग घरों में हुए कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोदीनगर में बंदरों के डर से लोग घरों में हुए कैद
अमर उजाला, मोदीनगर
Updated Thu, 20 Feb 2014 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंदरों के आतंक से मोदीनगर की कई कालोनियां बेहाल हैं। आलम ये है कि महिलाएं बच्चों को खेलने के लिए जाने को कहती हैं तो बंदरों के डर से बच्चे जाने से मना कर देते हैं।
यही वजह है कि भूपेंद्रपुरी के लोगों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। कालोनी के लोग नगर पालिका के दफ्तर पहुंचे और नारेबाजी की। उन्होंने अफसरों से बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था कराने को कहा।
कालोनी में करीब 50 लोगों को बंदर काट चुके हैं। जबकि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बावजूद पालिका ने बंदरों को पकड़ने का ठेका नहीं छोड़ा है।
यहां है बंदरों का आतंक
मोदीनगर में भूपेंद्रपुरी, ब्रहमपुरी, नई कालोनी, देवेंद्रपुरी, महेंद्रपुरी, सी लाइन, तेल मिल गेट, नेहरू कालोनी, तिबड़ा रोड आदि कालोनियों में बंदरों का आतंक है। झुंड के रूप में बंदर आते हैं और छतों पर रखे सामान पर टूट पड़ते हैं। कई बार तो घरों के अंदर घुस आते हैं।
विज्ञापन
खेलना छोड़ा
कालोनी निवासी मीनू ने बताया कि बंदरों के आतंक के कारण बच्चे खेलने के लिए बाहर जाने से डरते हैं। यही नहीं सब्जी और फल बेचने वालों ने भी इधर ठेली लाना छोड़ दिया है।
दो दिन में 10 को काटा
नगर पालिका परिषद के सभासद विनोद गौतम और आलोक शर्मा ने बताया कि भूपेंद्रपुरी के वार्ड नंबर चार में दो दिन भीतर बंदरों ने 10 लोगों को काटा है। इनमें सागर (5),चेतन (5), मुकेश (36), काकू (3), दीपक (14) आदि हैं।
अफसरों की सुनिए
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी आरके प्रसाद का कहना है कि बोर्ड बैठक में बंदरों को पकड़ने का प्रस्ताव पारित हो चुका है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में रेट अधिक होने से ठेका नहीं छूट सका है।
विज्ञापन
यही वजह है कि भूपेंद्रपुरी के लोगों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। कालोनी के लोग नगर पालिका के दफ्तर पहुंचे और नारेबाजी की। उन्होंने अफसरों से बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था कराने को कहा।
विज्ञापन
कालोनी में करीब 50 लोगों को बंदर काट चुके हैं। जबकि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बावजूद पालिका ने बंदरों को पकड़ने का ठेका नहीं छोड़ा है।
यहां है बंदरों का आतंक
मोदीनगर में भूपेंद्रपुरी, ब्रहमपुरी, नई कालोनी, देवेंद्रपुरी, महेंद्रपुरी, सी लाइन, तेल मिल गेट, नेहरू कालोनी, तिबड़ा रोड आदि कालोनियों में बंदरों का आतंक है। झुंड के रूप में बंदर आते हैं और छतों पर रखे सामान पर टूट पड़ते हैं। कई बार तो घरों के अंदर घुस आते हैं।
विज्ञापन
खेलना छोड़ा
कालोनी निवासी मीनू ने बताया कि बंदरों के आतंक के कारण बच्चे खेलने के लिए बाहर जाने से डरते हैं। यही नहीं सब्जी और फल बेचने वालों ने भी इधर ठेली लाना छोड़ दिया है।
दो दिन में 10 को काटा
नगर पालिका परिषद के सभासद विनोद गौतम और आलोक शर्मा ने बताया कि भूपेंद्रपुरी के वार्ड नंबर चार में दो दिन भीतर बंदरों ने 10 लोगों को काटा है। इनमें सागर (5),चेतन (5), मुकेश (36), काकू (3), दीपक (14) आदि हैं।
अफसरों की सुनिए
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी आरके प्रसाद का कहना है कि बोर्ड बैठक में बंदरों को पकड़ने का प्रस्ताव पारित हो चुका है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में रेट अधिक होने से ठेका नहीं छूट सका है।