भागो कहीं तेंदुआ न आ जाए
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सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के पाली गांव में दो पशुओं के मारे जाने के बाद ग्रामीणों में दहशत है।
इन पशुओं के शवों पर पंजों और दांतों के निशान हैं। बताया जा रहा है कि पाली गांव के बाहर बिजेंद्र वाल्मीकि का पशुओं का शेड है।
जहां उसके दुधारू पशु बंधे रहते हैं। हमेशा की तरह बुधवार रात भी बिजेंद्र पशुओं को अहाते में बांधकर घर चला गया।
सुबह करीब छह बजे जब लौटा, तो देखा कि बछिया और बछड़ा मृत पड़े हैं। शवों पर जानवर के काटने और पंजों के निशान थे। जब गांव वालों को घटना का पता चला, तो हंगामा मच गया।
अकेले निकले बाहर तो...
तेंदुए की आशंका के चलते ग्रामीण डरे हुए हैं। उधर, मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को अकेले बाहर न निकलने की हिदायत दी है।
पुलिस को सूचना देने पर सीओ अनुराग सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, तहसीलदार अभय सिंह और जिला वनाधिकारी मौके पर पहुंचे।
पशु चिकित्साधिकारी और वनाधिकारी ने जांच की, लेकिन वो इस नतीजे पर नहीं पहुंच सके कि हमला करने वाला जानवर कौन है।
उन्होंने लकड़बग्घे या तेंदुए के हमले की आशंका जाहिर की है। ग्रामीणों को अधिकारियों ने ये हिदायत जरूर दे दी है कि अकेले बाहर न निकलें और अगर जाना ही पड़े, तो झुंड में जाएं।
ग्रामीण देंगे पहरा
पाली गांव के ब्रह्म सिंह, सीताराम और सोमपाल समेत
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चारों ओर प्रकाश की व्यवस्था के लिए
प्राधिकरण के अधिकारियों से संपर्क किया गया है।
जान-माल की रखवाली के लिए
रात में ग्रामीण भी झुंड बनाकर पहरा देंगे।