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निर्दयी पिता: पैदा हुई जुड़वां बेटियों को मारकर दफनाया, दर-दर की ठोकरें खाने के बाद मां ने कराया मामला दर्ज

Sun, 23 Jun 2024 06:40 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 23 Jun 2024 06:40 PM IST
सार

इधर-उधर चक्कर काटने के बाद परिजन पांच जून को बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त से मिले। वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्रीय एसडीएम को सूचित किया। बाद में उसी दिन बच्चियों को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा गया।

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Father killed and buried his twin daughters in delhi
बेटियां पैदा होने पर पिता ने दोनों को दफनाया - फोटो : iStock

विस्तार

बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी स्थित पूठकलां गांव में जन्म के दो दिनों बाद ही जुड़वां बच्चियों को मारकर दफनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दोनों नवजात का कसूर सिर्फ इतना था कि दोनों लड़कियां थीं। दर-दर की ठोकरे खाने के बाद करीब 20 दिनों बाद बच्चियों की मां पूजा (25) और उसके भाई जुगनू (31) की शिकायत पर सुल्तानपुरी थाने में मामला दर्ज हुआ।

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पुलिस ने बच्चियों के पिता व उसके परिवार के खिलाफ फिलहाल गैर इरादतन हत्या, जन्म के बाद मासूमों की मृत्यू का कारण बनने, दहेज प्रताड़ना, सबूत मिटाने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल बच्चियों का आरोपी पिता नीरज सोलंकी (32) अपने परिवार के साथ फरार है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

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जानकारी के अनुसार मूलरूप से गांव इस्माइला, रोहतक, हरियाणा निवासी पूजा की फरवरी 2022 में गांव पूठकलां, सुल्तानपुरी दिल्ली निवासी नीरज सोलंकी से शादी हुई थी। पूजा के परिवार में पिता तेज प्रकाश, मां सुनीता व दो भाई हैं। नीरज के परिवार में पिता बिजेंद्र सोलंकी, मां चांद कौर, बड़ा भाई दिनेश व बहन मोनिका है।

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पूजा के भाई जुगनू ने बताया कि बहन की शादी में पूरा खर्चा करने के अलावा 20 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद भी उसकी बहन को दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा। छोटी-छोटी बातों पर उसे पीटा जाता था। गाड़ी न लाने के लिए उसे ताने दिए जाते थे। शादी के बाद वह गर्भवती नहीं हुई तो उस पर तरह-तरह के आरोप लगने लगे।

मायके वालों ने घर बुलाकर उसका इलाज करवाया। इसके बाद पूजा गर्भवती हुई। तीन माह होने पर नीरज व उसके परिजजों ने अवैध रूप से भ्रूण जांच करवाया तो पता चला कि पूजा की गर्भ में जुड़वां लड़कियां हैं। इस बात पर ससुराल वालों ने उसके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। बात बढ़ी तो पूजा अपने मायके आ गई।

जन्म के बाद ही नीरज बच्चियों को बिना मां के ले आया दिल्ली...
करीब छह माह मायके में रहने के बाद पूजा ने 30 मई को बड़े ऑपरेशन के बाद रोहतक के एक निजी अस्पताल में जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। उसके परिजनों ने ससुराल वालों को खबर दी। 30 मई की शाम को पूजा के सास-ससुर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चियों के पैदा होने पर कोई खुशी जाहिर नहीं की।

अगले दिन नीरज आया तो वह उल्टा पूजा के साथ ही गाली-गलौज करने लगा। उस दिन वह पूजा का मोबाइल लेकर वहां से दिल्ली लौट आया। उसका कहना था कि वह बेटियों को नहीं पाल सकता। बातचीत करने पर अगले दिन एक जून को नीरज, अपनी मां चांद कौर और ननद मोनिका के साथ रोहतक स्थित अस्पताल पहुंचा।

उस दिन पूजा की अस्पताल से छुट्टी होना थी। नीरज और उसकी मां ने दोनों नवजात बच्चियों को लिया और गाड़ी में पूजा के घर जाने की बात कहकर बिना बताए बच्चियों को दिल्ली ले आए। परिजन नीरज को कॉल करते रहे, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। रात को ससुर बिजेंद्र को कॉल किया तो वह भी गोल-मोल जवाब देने लगा।

अगले दिन दोनों बच्चियों के दफनाने की बात पता चली...
काफी प्रयास के बाद भी बच्चियों का उस दिन पता नहीं चला। इस बीच जुगनू ने पूठ कलां में ही रहने वाले अपनी बुआ के लड़के बसंत को कॉल किया। वहां से उसे पता चला कि दोनों बच्चियां मर गई हैं और उनको नीरज व उसके परिजनों ने पास के राम बाग श्मशान घाट में दफना दिया है। खबर सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए।

वह भागे-भागे दिल्ली पहुंचे तो उनको बताया गया कि दोनों बच्चियों की तबीयत बिगड़ गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। जुगनू ने बताया कि जन्म के बाद से ही दोनों बच्चियां एकदम स्वस्थ थीं। उनका बीमारी से मरने का सवाल नहीं उठता है। कुछ रिश्तेदारों ने दबे लफ्जों में बताया कि उनकी हत्या कर शव को दफना दिया गया है।

दर-दर की ठोकरें खाने के बाद हुआ मामला दर्ज...
बच्चियों की मौत की खबर मिलने के बाद परिजन रोहतक सेक्टर-35 के अरबन स्टेट थाने पहुंचे। वहां से उनको अपने गांव के थाने सांपला भेज दिया गया। सांपला पहुंचने पर उनको बच्चियों के दिल्ली जाने की आशंका को देखते हुए दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने भेज दिया। दिल्ली पहुंचने पर वापस उनको अरबन स्टेट थाने भेजा गया।

इधर-उधर चक्कर काटने के बाद परिजन पांच जून को बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त से मिले। वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्रीय एसडीएम को सूचित किया। बाद में उसी दिन बच्चियों को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा गया। अगले दिन उनका पोस्टमार्टम हुआ। उसमें दम घुटने से मौत की आशंका जताई गई।

पोस्टमार्टम के बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में करीब 16 दिन लगा दिए। अब 21 जून को इस संबंध में मामला दर्ज हुआ है। वारदात के बाद से आरोपी नीरज सोलंकी और उसके परिजन मौके से फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश है। बाकी परिजनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।

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