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किसानों ने दिल्ली की सीमाओं से निकाला ट्रैक्टर मार्च, शुक्रवार को फिर होगी बैठक
Thu, 07 Jan 2021 10:36 PM IST
Vikas Kumar
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 07 Jan 2021 10:36 PM IST
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किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च
- फोटो : अमर उजाला
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सरकार से वार्ता के चंद घंटे पहले दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने गुरुवार को ट्रैक्टर मार्च निकाला। सिंघु, टीकरी और गाजीपुर सीमा से किसानों ने भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी संगठनों ने इस 26 जनवरी के ट्रैक्टर परेड का पूर्वाभ्यास बताया।
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भारती किसान यूनियन (एकता, उग्राहा) के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहा ने कहा कि इस मार्च में 3,500 से अधिक ट्रैक्टर और ट्रॉलियों पर किसानों ने रोष जताया। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने से कम पर किसान मानने के लिए राजी नहीं है।
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शुक्रवार को केंद्र सरकार के साथ किसानों की आठवें दौर की वार्ता होगी। इससे पहले की बैठक बेनतीजा रही, क्योंकि किसान अपनी मांगों पर अड़े हैं, जबकि सरकार ने देश के कृषि क्षेत्र को लाभकारी बनाने की दिशा में पहल की है।
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गुरुवार सुबह 11 बजे ट्रैक्टर मार्च की शुरुआत हुई। सिंघु बॉर्डर से भी सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों के साथ किसान केएमपी एक्सप्रेस वे की तरफ बढ़े। हालांकि उन्हें रोकने के लिए पहले ही सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की वजह से कुछ ट्रैक्टरों को वापस भी भेजा गया।
किसानों ने इसके बाद अपने ट्रैक्टरों पर बैठे रहने के बाद प्रदर्शन स्थलों के लिए लौटने लगे। ट्रैक्टरों पर प्रदर्शनकारियों ने तेज आवाज में संगीत भी बजाते दिखे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने किसानों को मूंगफली, चाय और समाचार पत्रों सहित दूसरे जरूरी उत्पादों की आपूर्ति की गई।
गाजीपुर सीमा से भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में ट्रैक्टर मार्च पलवल की ओर रवाना हुआ। टिकैत ने कहा कि आने वाले दिनों में कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन तेज करेंगे।
मार्च में हरियाणा के 2,500 से अधिक ट्रैक्टर शामिल हुए। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य अभिमन्यु कोहार ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानीं तो किसानों का विरोध और तेज होगा। ट्रैक्टर मार्च सिंघु से टीकरी बॉर्डर, टीकरी से कुंडली, गाजीपुर से पहले और पलवल से आगे रेवासन मार्ग किया गया।
पंजाब के होशियारपुर निवासी हरजिंदर सिंह ने कहा कि ट्रैक्टर मार्च के जरिये किसानों ने रिहर्सल पेश किया है। सरकार ने अभी तक किसानों की मांगे नहीं मानी हैं, अगर आगे भी सहमति नहीं बनती है तो किसान संगठनों के निर्णय के तहत दिल्ली में भी प्रवेश करने के लिए तैयार होंगे।
कड़ाके की ठंड, बारिश के बावजूद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के हजारों किसान दिल्ली की अलग अलग सीमाओं पर अपनी मांगों के समर्थन में डटे हुए हैं।