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किसानों ने घेरा ग्रेनो प्राधिकरण का दफ्तर
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 22 Aug 2017 09:52 PM IST
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ग्रेटर नोएडा के किसानों ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर का घेराव कर दिया। पुलिस ने गेट से घुसने पर रोकने की कोशिश की तो किसान गेट के आगे भैंसा-बुग्गी लगाकर प्रदर्शन करने लगे। आंधे घंटे बाद किसान दफ्तर के परिसर में घुसे और भूतल पर बने हॉल में धरने पर बैठकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे प्रदर्शन के बाद सीईओ की तरफ से कल बैठक करने की सूचना देकर एसीईओ ने धरना खत्म कराया।
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किसान सुबह करीब 11 बजे प्राधिकरण गोलचक्कर के पास एकत्रित हुए। उसके बाद प्राधिकरण पहुंचे। वहां प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि प्राधिकरण किसानों को 10 फीसदी आवासीय भूखंड देने के नाम पर गुमराह कर रहा है। सभी किसानों को 10 फीसदी आवासीय भूखंड देने का वादा किया था, लेकिन अब छह फीसदी भूखंड ही दिया जा रहा है। गेट पर पहुंचने पर वहां मौजूद पुलिस ने अंदर आने से रोक दिया। गेट बंद कर दिया गया। किसानों ने ऊपर से कूदने का प्रयास किया तो पुलिस वालों ने वापस धकेल दिया। करीब 45 मिनट तक यह घटनाक्रम चलता रहा।
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उसके बाद सीनियर अफसरों ने अंदर आने की अनुमति दी। किसान प्राधिकरण के भूतल पर बने हॉल में बैठकर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे। करीब एक घंटे बाद एसीईओ बालकृष्ण त्रिपाठी ने किसानों से बातचीत की। किसानों ने सीईओ के साथ बातचीत कराने की शर्त रखी। सीईओ दफ्तर में नहीं थे। किसानों को बुधवार सुबह 11 बजे डीएम की मौजूदगी में बैठक करने की बात कही तब जाकर किसान शांत हुए।
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किसान संघर्ष (सेवा) समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी का कहना है कि 2016 में प्राधिकरण बोर्ड ने सभी किसानों को 10 फीसदी आवासीय भूखंड देने को प्रस्ताव पास किया था। अब प्राधिकरण देने से मना कर रहा है। प्रदर्शन में सूबेदार रमेश रावल, ब्रह्मपाल सूबेदार, उपेंद्र खारी, गिरीश त्यागी, प्रमोद मुखिया, विजयपाल प्रधान, मनोज प्रधान, कर्ण सिंह, रवि प्रधान, पप्पू प्रधान, रामी प्रधान आदि शामिल रहे।