किसान आंदोलन: सिंघु बॉर्डर पर बवाल के बाद कई धाराओं में एफआईआर दर्ज, पुलिसबल तैनात
दिल्ली चलो मार्च के आह्वान पर सिंघु, टीकरी व गाजीपुर बॉर्डर पर लगातार चौथे दिन जमे किसानों ने रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सशर्त वार्ता के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और सोमवार को भी यहीं जमे हुए हैं। वहीं यूपी गेट पर बैठे किसानों को रोकने के लिए पत्थर के बैरिकेड लगा दिए गए हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी दी है कि सोमवार को भी सिंघु व टिकरी बॉर्डर बंद रहेंगे। पढ़ें दिनभर के अपडेट्स...
लाइव अपडेट
दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया मामला
सिंघु बॉर्डर पर पिछले शुक्रवार को किसानों और पुलिस टीम के बीच झड़प को लेकर दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में 27 नवंबर को अलीपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 186, 353, 332, 323, 147, 148, 149, 279, 337, 188, 269 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की है।किसान संगठन के लोग सरकार से बातचीत करें: रामदास अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि गृहमंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि किसान संगठन के लोग सरकार से बातचीत करें। क्या इसमें (नए कृषि कानूनों) कोई सुधार हो सकता है, इस संबंध में सरकार निर्णय ले सकती है। 3 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सभी संगठनों को बुलाया है।अमित शाह जी ने आश्वासन दिया है कि संगठन के लोग सरकार से बातचीत करें। क्या इसमें(नए कृषि कानूनों) कोई सुधार हो सकता है, इस संबंध में सरकार निर्णय ले सकती है। 3 दिसंबर को नरेंद्र सिंह तोमर जी ने सभी संगठनों को बुलाया है : केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले #FarmersProtest pic.twitter.com/Qp4lXmtbOt
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 30, 2020
मंगलवार सुबह दस बजे ट्रैक्टरों में सवार होकर दिल्ली कूच करेंगे खाप से जुड़े किसान
नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में एक और हरियाणा सरकार समर्थक विधायक ने चेयरमैन पद छोड़ दिया। दादरी के निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन पद से सोमवार दोपहर बाद इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि मैंने किसान आंदोलन के समर्थन में हरियाणा पशुधन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में इस्तीफा दे दिया है। खाप से जुड़े हर गांव से किसान मंगलवार सुबह दस बजे ट्रैक्टरों में सवार होकर दिल्ली कूच करेंगे। सांगवान खाप के प्रधान एवं विधायक सोमबीर सांगवान प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे। सोमवार को खेड़ी बूरा स्थित सांगू धाम पर हुई खाप की सर्वजातीय पंचायत में यह निर्णय लिया गया।गाजीपुर बॉर्डर पर भारी सुरक्षा के बीच किसानों ने किया विरोध
Delhi: Protesting farmers light candles at the Ghazipur border (Delhi-Uttar Pradesh border) to mark Guru Nanak Jayanti amid heavy deployment of security personnel pic.twitter.com/KmFe0xbVnG
— ANI (@ANI) November 30, 2020
टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध जारी
Delhi: Protesting farmers hold a candlelight vigil at Tikri border (Delhi-Haryana border)
— ANI (@ANI) November 30, 2020
Visuals of protesters lighting up candles on barricades placed by security forces. pic.twitter.com/tL2bp6MEjV
कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने निकाला कैंडल मार्च
Delhi: Farmers continue their protest against Farm Laws at Singhu Border (Delhi-Haryana) by lighting candles amidst Guru Nanak Jayanti celebrations.
— ANI (@ANI) November 30, 2020
"This candle march is being organised by farmers against Centre's 3 farm laws," says Rubinder Ghuman, Activist supporting farmers. pic.twitter.com/87Gsqzxbdt
पर्याप्त पुलिस बल मौजूद है: एसएन श्रीवास्तव
दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल मौजूद है। हम किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हमने किसानों से बुराड़ी मैदान में पहुंचने का अनुरोध किया है।There is adequate police force present. We are ready to face any situation. We have requested them to shift to the allotted protest site in Burari: Delhi Police Commissioner SN Srivastava on #FarmersProtest pic.twitter.com/A92m4YMKBe
— ANI (@ANI) November 30, 2020
अधीर रंजन ने कहा कि लाखों किसान सड़क पर इसलिए उतरे हैं क्योंकि उन्हें अपना वैधानिक अधिकार नहीं मिल रहा है और बैंक से उन्हें उनके हक के पैसे नहीं मिल रहे हैं। इसलिए मैं पीएम मोदी से आग्रह करता हूं कि वे कृषि क्षेत्र के लिए विशेष ऋण पैकेज की घोषणा करें और किसानों को राहत दें।
Leader of Congress Party in Lok Sabha, Adhir Ranjan Chowdhury has written to PM Modi asking for special loan packages for the agriculture sector pic.twitter.com/HUMhQjcVMg
— ANI (@ANI) November 30, 2020
अब शासन कॉरपोरेट्स का हो गया: गुरनाम सिंह
किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने कहा कि संविधान के अनुसार, शासन लोगों के द्वारा, लोगों के लिए, लोगों का होता है। लेकिन अब शासन कॉरपोरेट्स द्वारा, कॉरपोरेट्स के लिए और कॉरपोरेट्स का हो गया है। कॉरपोरेट्स के लिए कानून बनाए जा रहे हैं और लोगों का शोषण किया जा रहा है।Constitution provides for rule of the people, by the people, & for the people, but now it has become rule of the corporates, by the corporates & for the corporates. Laws are being made for corporates, & people are being exploited: Gurnam Singh, Bhartiya Kisan Union (Haryana) Pres pic.twitter.com/sDBFQMsSBl
— ANI (@ANI) November 30, 2020
सांसद हनुमान बेनीवाल की बड़ी घोषणा, वापस नहीं हुए कृषि कानून तो एनडीए से अलग होने पर करना पड़ेगा विचार
केंद्र सरकार में एनडीए का हिस्सा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने किसान आंदोलन का समर्थन किया है। आरएलपी के संयोजक और राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वो एनडीए में बने रहने पर विचार करना पड़ेगा। सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा-'अमित शाह जी, देश में चल रहे किसान आंदोलन की भावना को देखते हुए हाल ही में कृषि से संबंधित लाए गए तीन बिलों को तत्काल वापस लिया जाए व स्वामीनाथन आयोग की सम्पूर्ण सिफारिशों को लागू करें व किसानों को दिल्ली में त्वरित वार्ता के लिए उनकी मंशा के अनुरूप उचित स्थान दिया जाए। इसके अलावा दूसरे ट्वीट में लिखा, चूंकि, आरएलपी एनडीए का घटक दल है लेकिन, आरएलपी की ताकत किसान व जवान हैं, इसलिए अगर इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो मुझे किसान हित में एनडीए का सहयोगी दल बने रहने के विषय पर पुनर्विचार करना पड़ेगा।श्री @AmitShah जी,देश मे चल रहे किसान आंदोलन की भावना को देखते हुए हाल ही में कृषि से सम्बंधित लाये गए 3 बिलों को तत्काल वापिस लिया जाए व स्वामीनाथन आयोग की सम्पूर्ण सिफारिशों को लागू करें व किसानों को दिल्ली में त्वरित वार्ता के लिए उनकी मंशा के अनुरूप उचित स्थान दिया जाए !
— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) November 30, 2020