नोएडा: किसानों ने दी चेतावनी, कहा-भवन नियमावली थोपी गई तो करेंगे विरोध
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नोएडा प्राधिकरण शहरों व गांवों में असुरक्षित भवनों को चिह्नित कर रहा है। इसका मकसद यह है कि इस तरह के भवनों से किसी को जानमाल की क्षति न पहुंचे। वहीं दूसरी ओर किसानों ने कहा कि अगर उन पर भवन नियमावली थोपा गया तो उसका पुरजोर विरोध करेंगे और अधिकारी नहीं माने तो उनको गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।
रविवार को सेक्टर-27 स्थित अट्टा गांव में रविवार को पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में सभी ने एक स्वर में कहा कि अगर भवन नियमावली गांव में लागू होती है तो इसके खिलाफ व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। अगर उन्हें वापस नहीं लिया गया तो उसको लेकर भी आंदोलन किया जाएगा। किसान नेता बेगराज गुर्जर ने कहा कि भवन नियमावली नोएडा प्राधिकरण द्वारा लागू करने की कोशिश की जा रही है उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसान नेता राजेश अवाना ने कहा कि नोएडा के सभी 81 गांव में पंचायत की जाएगी, अगर भवन नियमावली बनाई जाए तो किसानों से संवाद करके इसमें जरूरी फेरबदल करके और किसानों की जरूरत को ध्यान में रखकर बनाई जाए। किसान नेता परमिंदर गुर्जर ने कहा कि प्राधिकरण अगर किसानों की मूल आबादी का नुकसान करता है तो उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा आने वाले दिनों में नया बांस, हरौला, निठारी, झुंडपुरा, आगाहपुर में पंचायत की जाएगी। इसके बाद एक महापंचायत की जाएगी।
इस माके पर ब्रहमपाल, महासिंह वर्मा, अशोक अवाना, फिर राम अवाना, इंदर अवाना, आजाद अवाना, जगदीश अवाना, तेज सिंह, जोगेंद्र भाटी, वीरपाल अवाना, दशरथ अवाना, रघुवीर अवाना, अमित शर्मा, धर्मेंद्र बंसल, नरेश अवाना, पीतम अवाना, मवासी चैधरी, शीशराम सहित क्षेत्र के सभी गणमान्य नागरिक व किसान मौजूद थे।
नोएडा में खतरनाक इमारतों को चिह्नित करना बड़ी चुनौती
किसानों की धमकी के बाद नोएडा प्राधिकरण के लिए गांवों में खतरनाक इमारतों का सर्वे उनको चिह्नित करना और उनके खिलाफ कार्रवाई चुनौती से कम नहीं होगा। पहले से ही प्राधिकरण का यह मानना है कि गांवों में इस तरह का सर्वे बेहद मुश्किल काम है और अब किसानों की ओर से भवन नियमावली को नहीं मानने की बात करने के बाद प्राधिकरण की ओर से उनको समझाना बेहद मुश्किल काम साबित होने वाला है।
अब तक एफआईआर तक नहीं करा पाया प्राधिकरण
शाहबेरी की घटना का संज्ञान लेते हुए नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र में बनाए जा रहे असुरक्षित भवनों का सर्वे करना शुरू किया। साथ ही साथ ऐसे भवन मालिकों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए थाने में तहरीर दी। लेकिन ऐसे मामलों में अभी तक एक भी एफआईआर नहीं हो पाई, जबकि नोएडा प्राधिकरण ने 20 भवन मालिकों के नाम से एफआईआर कराने की अपील पुलिस से की है।
एक सप्ताह में जर्जर इमारतों की देनी है रिपोर्ट
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने सभी वर्क सर्किलों को एक सप्ताह में शहरों व गांवों की जर्जर और असुरक्षित इमारतों की रिपोर्ट देने को कहा है। इसके लिए जूनियर से लेकर सीनियर स्तर के अभियंता लगे हुए हैं। अभी भी इस काम को करने में काफी समय लग सकता है।