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Farmers Protest: किसान यूनियनों ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव, आंदोलन और तेज करने का किया एलान
Wed, 09 Dec 2020 05:45 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 09 Dec 2020 05:45 PM IST
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किसान यूनियन ने सरकार का प्रस्ताव किया खारिज
- फोटो : ani
दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों ने केंद्र सरकार के सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। कई दौर की केंद्र सरकार के साथ चली वार्ताओं के बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने अपने आंदोलन को तेज करने का एलान भी बुधवार को किया। किसान संगठन गुरुवार को केंद्र सरकार के साथ होने वाली वार्ता का बहिष्कार करेंगे। किसान तीनों कानून का रद्द करने से पहले अपना आंदोलन वापस लेने को तैयार नहीं है।
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मंगलवार देर रात केंद्रीय गृह मंत्री से वार्ता के विफल होने के दूसरे दिन किसान संगठनों ने सिंघु बॉर्डर पर महापंचायत की। इसमें सरकार की तरफ से गुरुवार को मिले प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। किसान सगठनों ने सरकार के सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया। इसकी जगह तीनों कानूनों का वापस लेने की अपनी पुरानी मांग को पुरजोर तरीके से दोहराई। लेकिन सरकार की तरफ से इस दिशा में बढ़ने का कोई संकेत न मिलने पर फैसला लिया गया कि अब आंदोलन का तेज किया जाएगा।
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आंदोलन के अगले चरण में किसान 12 दिसंबर को देश भर के सभी टोल प्लाजा को फ्री (पर्ची मुक्त) कर देंगे। वहीं, 14 दिसंबर को देश के सभी जिलों में किसानों ने धरना प्रदर्शन का फैसला लिया है। किसानों का आरोप है कि छह दौर की वार्ता के बाद भी जब प्रस्ताव में उन बातों को शामिल किया जा रहा है, जिसपर किसानों को एतराज है। इसका मतलब यह है कि सरकार की तरफ से अभी भी किसान हितों की अनदेखी की जा रही है।
सरकार का प्रस्ताव किया खारिज
भारतीय किसान यूनियन, हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने कहा कि ने कहा कि सरकार की ओर से भेजा गया प्रस्तावेकिसानों को मंजूर नहीं है। इससे पहले भी वार्ताएं हो चुकी है, लेकिन बेनतीजा रही, इसलिए बृहस्पतिवार की बैठक में किसानों के शामिल होने का कोई मतलब नहीं।
जियो की सिम का बहिष्कार
तीनों कृषि कानूनों को कॉरपोरेट घराने के लिए फायदेमंद बता रहे किसानों ने जियो के मोबाइल सिम के बहिष्कार का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि पहले ही कॉरपोरेट्स को सभी तरह से फायदा मिल रहा है। सरकार भले ही उनकी मांगे मानने में देर कर रही है, लेकिन उन्होंने कॉरपोरेट्स का बहिष्कार की शुरुआत जियो के सिम न लेने के फैसले से कर दी है।