किसानों ने कहा, आतंकियों की गिरफ्तारी के बहाने आंदोलन को भटकाने की साजिश कर रही पुलिस, सफल होगा भारत बंद
सोमवार को दिल्ली पुलिस ने पांच संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी का दावा किया, किसानों ने कहा- यह आंदोलन से लोगों को दूर रखने की साजिश...
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किसानों के आठ दिसंबर के भारत बंद से ठीक एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने पांच संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी का दावा किया है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इनमें दो आतंकी पंजाब और तीन कश्मीर से हैं। पुलिस इन आतंकियों को किसान आंदोलन में हिंसा फैलाने की आशंका से जोड़ कर जांच कर रही है।
वहीं, किसानों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस के द्वारा आतंकियों की गिरफ्तारी की कहानी एक साजिश हो सकती है। इसके द्वारा पुलिस किसान आंदोलन भटकाने और बदनाम करने की कोशिश कर रही है जिससे उनका भारत बंद कार्यक्रम सफल न हो सके। किसानों का दावा है कि उनका भारत बंद कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहेगा।
आढ़ती किसान संघर्ष कमेटी, पंजाब के अध्यक्ष रविंदर सिंह चीमा ने अमर उजाला से कहा कि हमारा आंदोलन चलते हुए तीन महीने से ज्यादा समय हो गया है। अब तक किसानों की तरफ से कहीं कोई हिंसा नहीं हुई है। हमारा आगे का आंदोलन भी इसी ट्रैक पर रहेगा।
लेकिन अब दिल्ली पुलिस किसान आंदोलन में हिंसा होने की अफवाह उड़ाकर आंदोलन से किसानों और अन्य समर्थकों को दूर करनेे की साजिश रच रही है जो कामयाब नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर हमारे स्वयंसेवक तैनात हैं। किसी भी तरह की गड़बड़ करने की कोशिश होने पर हम स्वयं उसे पकड़कर पुलिस को सौंप देंगे।
स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि आंदोलन के बीच से कोई किसान साथी किसी तरह की हिंसा न करे। आज तक किसानों की तरफ से कोई हिंसा नहीं हुई है। अगर पुलिस को कोई जानकारी मिलती है कि कोई बाहरी तत्व आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश कर रहा है तो उसे सबूतों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। यह उसकी जिम्मेदारी है कि पूरा देश हिंसा से मुक्त रहे।
पुलिस ने किया दावा
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने सोमवार सुबह दावा किया कि पुलिस ने राजधानी के शकरपुर एरिया से पांच आतंकियों को छोटी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आतंकियों के पास से संदिग्ध हथियार और आपत्तिजनक सामग्री मिली है। आतंकियों के पास से एक लाख डॉलर पाए जाने का भी दावा किया जा रहा है। इस ग्रुप को आईएसआई का समर्थन हासिल होने की आशंका है। आतंकी संगठन के नाम का खुलासा होना बाकी है।
केंद्र की चिंता बढ़ी
वहीं, किसान आंदोलन के बीच हिंसा होने की आशंका से केंद्र सरकार की चिंता बढ़ गई है क्योंकि आंदोलन के बीच किसी भी तरह की हिंसा होती है तो यह सुरक्षा में बड़ी खामी होगी जिसे सुनिश्चित रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके पूर्व पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान भी किसान आंदोलन के बीच हिंसा होने की आशंका जताई थी।
उन्होंने आशंका व्यक्त की थी कि अगर आंदोलन के बीच किसी तरह की हिंसा होती है तो इससे देश में अस्थिरता बढ़ेगी। इसके पूर्व, कुछ अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ संगठनों के जरिए किसान आंदोलन में हिंसा भड़काने की साजिश रचे जाने की आशंका जताई थी।