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Faridabad News: बिजली व्यवस्था के निजीकरण का किया जाएगा विरोध
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23 अक्तूबर को नूंह में प्रदर्शन किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। मोर्चा ने आरोप लगाया कि गुरुग्राम और नूंह के बाद फरीदाबाद, पलवल, पानीपत, करनाल और सोनीपत में भी बिजली व्यवस्था निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी है। इससे सरकारी बिजली ढांचे और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी पर असर पड़ने की आशंका है। रोहतक में हुई राज्यस्तरीय बैठक में कर्मचारी, किसान, इंजीनियर और उपभोक्ता संगठनों ने मिलकर निजीकरण का विरोध करने का फैसला लिया।
मोर्चा के चेयरमैन देवेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जनता के कर से तैयार बिजली ढांचा निजी कंपनियों को मुफ्त में उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। क्रॉस सब्सिडी समाप्त होने से उपभोक्ताओं को मिलने वाली राहत प्रभावित हो सकती है।
आंदोलन के तहत 23 अक्तूबर को नूंह और तीन नवंबर को गुरुग्राम में प्रदर्शन होगा। 27 अक्तूबर से 14 नवंबर तक प्रदेशभर में जन-कन्वेंशन आयोजित किए जाएंगे। 17 नवंबर को करनाल में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के शिविर कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। मांगें नहीं मानी गईं तो एक से तीन दिसंबर तक प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। मोर्चा ने आरोप लगाया कि गुरुग्राम और नूंह के बाद फरीदाबाद, पलवल, पानीपत, करनाल और सोनीपत में भी बिजली व्यवस्था निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी है। इससे सरकारी बिजली ढांचे और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी पर असर पड़ने की आशंका है। रोहतक में हुई राज्यस्तरीय बैठक में कर्मचारी, किसान, इंजीनियर और उपभोक्ता संगठनों ने मिलकर निजीकरण का विरोध करने का फैसला लिया।
मोर्चा के चेयरमैन देवेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जनता के कर से तैयार बिजली ढांचा निजी कंपनियों को मुफ्त में उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। क्रॉस सब्सिडी समाप्त होने से उपभोक्ताओं को मिलने वाली राहत प्रभावित हो सकती है।
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आंदोलन के तहत 23 अक्तूबर को नूंह और तीन नवंबर को गुरुग्राम में प्रदर्शन होगा। 27 अक्तूबर से 14 नवंबर तक प्रदेशभर में जन-कन्वेंशन आयोजित किए जाएंगे। 17 नवंबर को करनाल में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के शिविर कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। मांगें नहीं मानी गईं तो एक से तीन दिसंबर तक प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
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