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Faridabad News: श्रीराम ने विभीषण को लंका का राजा घोषित किया
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फरीदाबाद एनआईटी पांच धार्मिक रामलीला में मंचन करते कलाकार । स्रोत: रामलीला कमेटी।
स्मार्ट सिटी में आयोजित रामलीलाओं में रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद । स्मार्ट सिटी में आयोजित रामलीलाओं में शनिवार रात रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। विजय रामलीला कमेटी के ऐतिहासिक मंच पर विभीषण को लंका से निष्कासित करने के बाद भगवान श्रीराम की शरण में आने का प्रसंग दिखाया गया। श्रीराम ने विभीषण का राजतिलक कर उन्हें लंका का राजा घोषित किया। इसके बाद हनुमान जी द्वारा पत्थरों पर राम नाम लिखने और नल-नील के नेतृत्व में रामसेतु निर्माण का दृश्य प्रस्तुत किया गया। सेतु बनाकर राम दल ने लंका की ओर प्रस्थान किया। दूसरी ओर स्वर्ण कला रामलीला में लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। हनुमान की भूमिका निभा रहे पुलकित पाठक ने अपने दिव्य रूप और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, मेघनाद के किरदार में पहली बार मंच पर उतरे रामलीला के निर्देशक नमन शर्मा ने तलवारबाजी और अभिनय से दर्शकों की सराहना हासिल की।
कुंभकर्ण और मेघनाद का हुआ वध
जागृति रामलीला कमेटी के मंच पर कुंभकर्ण को गहरी निद्रा से जगाने, रावण के साथ उसके संवाद और युद्धभूमि में कुंभकर्ण के मारे जाने का मंचन हुआ। इसके बाद मेघनाद और लक्ष्मण के बीच युद्ध दिखाया गया, जिसमें मेघनाद का भी वध हो गया। दोनों प्रमुख योद्धाओं के मारे जाने से रावण विचलित हो उठा।
अंगद ने जमाया पैर, लक्ष्मण हुए मूर्छित
श्रीधार्मिक लीला कमेटी में अंगद के रावण दरबार में पैर जमाने और लक्ष्मण शक्ति प्रसंग का मंचन किया गया। अंगद की भूमिका निभा रहे हार्दिक बत्रा ने रावण को चुनौती दी कि उसका कोई भी योद्धा उनका पैर उठाकर दिखाए। रावण पुत्र निकुंभ, मेघनाद और कुंभकर्ण ने पैर उठाने का प्रयास किया, लेकिन सभी असफल रहे।
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लक्ष्मण शक्ति प्रसंग का मंचन
कुमाऊं सांस्कृतिक मंडल की ओर से जगदंबा मंदिर प्रांगण, एयरफोर्स रोड स्थित कुमाऊं चौक में आयोजित रामलीला में शनिवार रात रावण-अंगद संवाद और लक्ष्मण शक्ति प्रसंग प्रस्तुत किए गए। मंडल के अनुसार, 53 वर्षों से चली आ रही सांस्कृतिक परंपरा के तहत कलाकारों ने धर्म, सत्य, त्याग और कर्तव्य का संदेश दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद । स्मार्ट सिटी में आयोजित रामलीलाओं में शनिवार रात रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। विजय रामलीला कमेटी के ऐतिहासिक मंच पर विभीषण को लंका से निष्कासित करने के बाद भगवान श्रीराम की शरण में आने का प्रसंग दिखाया गया। श्रीराम ने विभीषण का राजतिलक कर उन्हें लंका का राजा घोषित किया। इसके बाद हनुमान जी द्वारा पत्थरों पर राम नाम लिखने और नल-नील के नेतृत्व में रामसेतु निर्माण का दृश्य प्रस्तुत किया गया। सेतु बनाकर राम दल ने लंका की ओर प्रस्थान किया। दूसरी ओर स्वर्ण कला रामलीला में लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। हनुमान की भूमिका निभा रहे पुलकित पाठक ने अपने दिव्य रूप और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, मेघनाद के किरदार में पहली बार मंच पर उतरे रामलीला के निर्देशक नमन शर्मा ने तलवारबाजी और अभिनय से दर्शकों की सराहना हासिल की।
कुंभकर्ण और मेघनाद का हुआ वध
जागृति रामलीला कमेटी के मंच पर कुंभकर्ण को गहरी निद्रा से जगाने, रावण के साथ उसके संवाद और युद्धभूमि में कुंभकर्ण के मारे जाने का मंचन हुआ। इसके बाद मेघनाद और लक्ष्मण के बीच युद्ध दिखाया गया, जिसमें मेघनाद का भी वध हो गया। दोनों प्रमुख योद्धाओं के मारे जाने से रावण विचलित हो उठा।
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अंगद ने जमाया पैर, लक्ष्मण हुए मूर्छित
श्रीधार्मिक लीला कमेटी में अंगद के रावण दरबार में पैर जमाने और लक्ष्मण शक्ति प्रसंग का मंचन किया गया। अंगद की भूमिका निभा रहे हार्दिक बत्रा ने रावण को चुनौती दी कि उसका कोई भी योद्धा उनका पैर उठाकर दिखाए। रावण पुत्र निकुंभ, मेघनाद और कुंभकर्ण ने पैर उठाने का प्रयास किया, लेकिन सभी असफल रहे।
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लक्ष्मण शक्ति प्रसंग का मंचन
कुमाऊं सांस्कृतिक मंडल की ओर से जगदंबा मंदिर प्रांगण, एयरफोर्स रोड स्थित कुमाऊं चौक में आयोजित रामलीला में शनिवार रात रावण-अंगद संवाद और लक्ष्मण शक्ति प्रसंग प्रस्तुत किए गए। मंडल के अनुसार, 53 वर्षों से चली आ रही सांस्कृतिक परंपरा के तहत कलाकारों ने धर्म, सत्य, त्याग और कर्तव्य का संदेश दिया।