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Faridabad News: जेसी बोस के प्रोफेसर और छात्रों ने बनाया सोलर पैनल साफ करने वाला रोबोट

Mon, 19 Oct 2026 11:08 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2026 11:08 PM IST
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Professors and students at J.C. Bose [University] have developed a robot that cleans solar panels.
डेढ़ साल की मेहनत लाई रंग, ब्रिटेन में हुआ रजिस्ट्रेशन
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15 दिन बाद शुरू होगी टेस्टिंग, सफल होने पर तैयार किया जाएगा मॉडल पेटेंट


गौरव मिश्रा

फरीदाबाद। सोलर पैनल की सफाई को आसान बनाने के लिए जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए के प्रोफेसर और छात्रों ने मिलकर सोलर पैनल क्लीनिंग रोबोट का डिजाइन तैयार किया है। इस डिजाइन को ब्रिटेन के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस में रजिस्ट्रेशन मिल गया है। टीम डेढ़ साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी। डिजाइन पेटेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इसकी टेस्टिंग की तैयारी है। 15 दिन बाद टेस्टिंग शुरू होने की संभावना है, जो दो से तीन माह तक चलेगी। टेस्टिंग सफल रहने पर मॉडल पेटेंट की दिशा में काम किया जाएगा।

विश्वविद्यालय के पीआरओ जितेंद्र यादव ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. रोहित त्रिपाठी और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की सहायक प्रोफेसर रचना धीर की अहम भूमिका रही है। टीम में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के बीटेक (ईई-आईओटी) के छात्र नमन गोयल और पार्थ दलाल भी शामिल हैं।
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सहायक प्रोफेसर रोहित त्रिपाठी ने बताया कि टेस्टिंग के दौरान सबसे पहला प्रयास यह किया जाएगा कि एयर ब्लोअर तकनीक से ही सोलर पैनल की सफाई की जा सके। हालांकि अगर उसमें कुछ समस्या आती है, तो ब्रश और पानी आदि की तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। ब्रिटेन के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस ने इस डिजाइन को 9 अक्तूबर 2026 को पंजीकृत किया और 16 अक्तूबर को इसका रजिस्ट्रेशन प्रदान किया। अंतरराष्ट्रीय डिजाइन वर्गीकरण के तहत इसे मशीनों की श्रेणी में रखा गया है।
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बातचीत

टेस्टिंग पर निगाहें है, भूमि पर पानी सीमित मात्रा में है, ऐसे में प्रयास रहेगा कि वायु द्वारा ही इसकी सफाई हो सके।
- डॉ. रोहित त्रिपाठी, सहायक प्रोफेसर

डिजाइन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलना उत्साहजनक है। टेस्टिंग के दौरान कार्यक्षमता का आकलन होगा।
- रचना धीर, सहायक प्रोफेसर

इस प्रोजेक्ट पर काम करते हुए हमें तकनीकी ज्ञान को वास्तविक उपयोग से जोड़ने का अवसर मिला।
- नमन गोयल, छात्र

शुरुआत में मुश्किल लग रहा था। डिजाइन रजिस्ट्रेशन के बाद टेस्टिंग और आगे के सुधारों को लेकर उत्साहित हैं।
-पार्थ दलाल, छात्र
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