गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) ने एम3एम बिल्डर को एक फ्लैट खरीदार को 30 दिन के भीतर कब्जा देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कंपनी को 90 दिन में विक्रय विलेख भी खरीदार के नाम पंजीकृत करानी होगी। यह आदेश अतिरिक्त शुल्कों को लेकर हुए विवाद के बाद दिया गया है।
हरेरा गुरुग्राम के अध्यक्ष अरुण कुमार ने यह आदेश जारी किया। पंजाब के मोहाली निवासी सुमीत सिंह मंगत ने अथॉरिटी में याचिका दायर की थी। उन्होंने सेक्टर-89 स्थित एम3एम सॉलिट्यूड आवासीय परियोजना में एक फ्लैट बुक किया था। जून 2022 में 95.46 लाख रुपये में बिक्री समझौता हुआ था। मंगत का कहना है कि वह कंपनी को 1.13 करोड़ रुपये दे चुके हैं। हालांकि, उन्हें अभी तक फ्लैट का कब्जा नहीं मिला। बिल्डर ने दलील दी कि 19 मई 2025 को कब्जा लेने का प्रस्ताव भेजा गया था। कंपनी ने दावा किया कि फ्लैट पूरी तरह तैयार था। लेकिन खरीदार ने बकाया भुगतान और औपचारिकताएं पूरी नहीं कीं। बिल्डर ने 30 सितंबर 2025 को ई-मेल भेजकर दोबारा बुलाया था। कंपनी ने बकाया राशि, होल्डिंग चार्ज और मेंटेनेंस चार्ज के विवाद पर खरीदार को चूककर्ता बताया। अथॉरिटी ने कहा कि कंपनी 19 मई 2025 को खरीदार के खाते में 3.53 रुपये की छूट दिखा चुकी है। यह आदेश कुल क्षेत्रफल, वास्तविक क्षेत्रफल और अतिरिक्त शुल्कों के विवाद पर आया है। संवाद