फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   goshala worsen with bad management

बदइंतजामी से नरक बनी गोशाला, कीचड़ में फंसकर मर गई एक गाय

Thu, 25 Aug 2016 10:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Thu, 25 Aug 2016 10:58 AM IST
विज्ञापन
goshala worsen with bad management
demo pic - फोटो : bbc

देश में गाय और गोरक्षकों को लेकर वाद-विवाद का दौर चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार इस मुद्दे पर बयान दे चुके हैं। ऐसे में शहर की नंदीग्राम गोशाला में नगर निगम की बदइंतजामी सामने आई है। निगम अधिकारियों की संवेदनहीनता के कारण पिछले 10 दिन में गोशाला के तीन सांड और एक गाय की मौत हो चुकी है।

विज्ञापन


जबकि दो सांड मरणासन्न की स्थिति में है। बुधवार को इसकी जानकारी गो सेवा आयोग के चेयरमैन को मिली, उन्होंने तत्काल संयुक्त आयुक्त को फोन कर फटकार लगाई। साथ ही गोशाला में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और हरा चारा मुहैया कराने के आदेश दिए।
विज्ञापन


दरअसल, नगर निगम द्वारा ऊंचा गांव रोड स्थित नंदीग्राम गोशाला संचालित की जाती है। इस गोशाला में इस समय करीब 550 गायें हैं। करीब छह एकड़ में फैली इस गोशाला में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इसके अलावा गंदे पानी की निकासी न होने के कारण गोशाला के अंदर भारी कीचड़ से दलदल बन गई है। हर तीसरे दिन बेजुबां जानवर इस दलदल की चपेट में आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पैर फंसने के कारण गाय इधर-उधर नहीं जा सकती और भूखी-प्यासी पड़े-पड़े दम तोड़ देेती हैं। निगम इस गोशाला में मवेशियों को पूरी डाइट तो दूर हरा चारा भी नहीं दे रहा है। पिछले 15 दिनों से गोशाला में हरा चारा नहीं आ रहा है। अधिकारी इसके पीछे निगम की माली हालत को जिम्मेदार ठहराते हैं। गो-मानव सेवा ट्रस्ट के रूपेश यादव कहते हैं कि जैसे-तैसे हरे चारे का इंतजाम किया जा रहा है।

क्षमता से ज्यादा गायें
एरिया के मुताबिक यहां 350 गायें रखने की क्षमता है, लेकिन इस समय क्षमता से दोगुनी गाय हैं। जानकारों के मुताबिक एक गाय के लिए कम से कम 15 स्क्वेयर गज जगह होनी चाहिए, लेकिन सरकारी गोशाला में बमुश्किल से 5 वर्ग फीट ही जगह मिल पाती है।

यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। गोशाला को सुधारने के लिए मैं व्यक्तिगत तौर पर काम कर रहा हूं। पिछले दिनों यहां से 70 ट्राली गोबर निकलवा गया था। आठ लाख रुपये की लागत से शेड बनकर तैयार हो गया है। साथ ही गंदे पानी की निकासी के लिए काम शुरू करा दिया गया है।-मूलचंद शर्मा, विधायक बल्लभगढ़


इस तरह के हालात तब हैं जब गोशाला के लिए करोड़ों रुपये का अनुदान मिल रहा है। इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। मैंने जांच के आदेश दे दिए हैं।-भानीराम मंगला, चेयरमैन गो सेवा आयोग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed