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Faridabad News: ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों को न करें नजरअंदाज
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बीके अस्पताल में रोजाना 30 महिलाएं स्तन संबंधी शिकायत लेकर पहुंच रहीं
निजी अस्पतालों में भी बढ़ रही जांच और परामर्श की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ब्रेस्ट में गांठ या त्वचा में बदलाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना महिलाओं के लिए गंभीर समस्या बन सकता है। कई बार शर्म, झिझक या जानकारी की कमी के कारण महिलाएं समय पर डॉक्टर से परामर्श नहीं लेतीं, जिससे बीमारी की पहचान में देरी हो सकती है। महिलाएं अस्पतालों में ब्रेस्ट संबंधी शिकायतों को लेकर चिकित्सकों के पास पहुंच रही हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि समय पर जांच और बीमारी की शुरुआती पहचान से उपचार के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है। पहले के मुकाबले अब महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। जहां पांच वर्षों में करीब 15 प्रतिशत मामलों में वृद्धि हुई है। हालांकि अब महिलाएं जागरूक भी है।
बीके नागरिक अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुणा ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन करीब 30 महिलाएं ब्रेस्ट संबंधी लक्षणों के साथ पहुंचती हैं। जांच के बाद जरूरत के अनुसार उन्हें दवा, उपचार और आगे की जांच कराने की सलाह दी जाती है।
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अकॉर्ड अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या कुमार ने बताया कि उनके अस्पताल में प्रतिदिन करीब 15 महिलाएं ऐसी शिकायतों के साथ आती हैं। महिलाओं को जागरूक करने के साथ उनकी काउंसलिंग की जाती है और जरूरत के अनुसार उपचार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं झिझक के कारण समय पर डॉक्टर के पास नहीं आतीं, जिससे परेशानी बढ़ सकती है। वहीं, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. इतिशा चौधरी के अनुसार, उनके अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 10 महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े संभावित लक्षणों को लेकर पहुंचती हैं। महिलाएं शर्म की वजह से चिकित्सक के पास नहीं जाती है, इससे यह समस्या आगे चलकर बढ़ सकती है। महिलाओं को कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लानी चाहिए।
बचाव और सावधानियां
डॉक्टरों के अनुसार, बढ़ती उम्र और पारिवारिक इतिहास जैसे कारक ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं। शराब का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और मोटापा भी जोखिम से जुड़े हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन और स्वस्थ वजन बनाए रखना लाभकारी है। ब्रेस्ट में कोई नया बदलाव दिखने पर डॉक्टर से जल्द परामर्श लें। जरूरत के अनुसार चिकित्सक मैमोग्राफी या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। किसी भी लक्षण का मतलब कैंसर होना नहीं है, लेकिन उसकी जांच जरूरी है।
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ये लक्षण दिखें तो कराएं जांच
ब्रेस्ट या बगल में गांठ व सूजन होना
ब्रेस्ट के आकार या बनावट में बदलाव आना
त्वचा में गड्ढे पड़ना, लालिमा जैसा दिखना
ब्रेस्ट में लगातार दर्द या बिना स्पष्ट कारण बदलाव होना
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निजी अस्पतालों में भी बढ़ रही जांच और परामर्श की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ब्रेस्ट में गांठ या त्वचा में बदलाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना महिलाओं के लिए गंभीर समस्या बन सकता है। कई बार शर्म, झिझक या जानकारी की कमी के कारण महिलाएं समय पर डॉक्टर से परामर्श नहीं लेतीं, जिससे बीमारी की पहचान में देरी हो सकती है। महिलाएं अस्पतालों में ब्रेस्ट संबंधी शिकायतों को लेकर चिकित्सकों के पास पहुंच रही हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि समय पर जांच और बीमारी की शुरुआती पहचान से उपचार के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है। पहले के मुकाबले अब महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। जहां पांच वर्षों में करीब 15 प्रतिशत मामलों में वृद्धि हुई है। हालांकि अब महिलाएं जागरूक भी है।
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बीके नागरिक अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुणा ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन करीब 30 महिलाएं ब्रेस्ट संबंधी लक्षणों के साथ पहुंचती हैं। जांच के बाद जरूरत के अनुसार उन्हें दवा, उपचार और आगे की जांच कराने की सलाह दी जाती है।
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अकॉर्ड अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या कुमार ने बताया कि उनके अस्पताल में प्रतिदिन करीब 15 महिलाएं ऐसी शिकायतों के साथ आती हैं। महिलाओं को जागरूक करने के साथ उनकी काउंसलिंग की जाती है और जरूरत के अनुसार उपचार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं झिझक के कारण समय पर डॉक्टर के पास नहीं आतीं, जिससे परेशानी बढ़ सकती है। वहीं, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. इतिशा चौधरी के अनुसार, उनके अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 10 महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े संभावित लक्षणों को लेकर पहुंचती हैं। महिलाएं शर्म की वजह से चिकित्सक के पास नहीं जाती है, इससे यह समस्या आगे चलकर बढ़ सकती है। महिलाओं को कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लानी चाहिए।
बचाव और सावधानियां
डॉक्टरों के अनुसार, बढ़ती उम्र और पारिवारिक इतिहास जैसे कारक ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं। शराब का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और मोटापा भी जोखिम से जुड़े हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन और स्वस्थ वजन बनाए रखना लाभकारी है। ब्रेस्ट में कोई नया बदलाव दिखने पर डॉक्टर से जल्द परामर्श लें। जरूरत के अनुसार चिकित्सक मैमोग्राफी या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। किसी भी लक्षण का मतलब कैंसर होना नहीं है, लेकिन उसकी जांच जरूरी है।
ये लक्षण दिखें तो कराएं जांच
ब्रेस्ट या बगल में गांठ व सूजन होना
ब्रेस्ट के आकार या बनावट में बदलाव आना
त्वचा में गड्ढे पड़ना, लालिमा जैसा दिखना
ब्रेस्ट में लगातार दर्द या बिना स्पष्ट कारण बदलाव होना