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Faridabad News: डीजीपी शत्रुजीत कपूर फरीदाबाद में दो साल पुलिस आयुक्त के पद पर रहे
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर का फरीदाबाद से गहरा नाता रहा है। वह
पुलिस आयुक्त के तौर पर दो साल यहां रहे थे। उन्होंने 31 अक्तूबर 2011 से 12 फरवरी 2013 तक के अपने कार्यकाल में पुलिस की कार्यप्रणाली में कई अहम सुधार किए। लोगों को यातायात के प्रति जागरूक किया। बढ़ते क्राइम ग्राफ को कम करने के लिए व्यवस्था में सुधार किया।
वर्ष 2012 में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान यातायात के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्होंने स्कूल-कॉलेजों से शुरुआत की।
स्कूल-कॉलेजों में यातायात पुलिस की प्रतियोगिताएं शुरू कराईं। इसे देखते हुए अन्य जिलों ने भी इसे अपने यहां के स्कूलों कॉलेजों में शुरू किया। स्कूल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाता था। इसके अलावा उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सभी थानों को दो-दो साइकिल दी थी। साथ ही थाना प्रभारी से लेकर सिपाही तक को साइकिल से गश्त करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने इसकी शुरुआत करते हुए सेक्टर-21सी स्थित अपने कार्यालय से आठ जवानों को साइकिल पर बिठाकर उन्हें संबंधित थाने भेजा था। उनका मानना था कि इससे आम लोगों की नजर में पुलिस की छवि में सुधार आएगा। इसके अलावा उन्होंने अपने कार्यकाल में शहर में कई बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की थी। फरवरी 2013 को उनका यहां से तबादला हो गया था। इसके बाद उन्होंने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम सहित कई विभागों का कार्यभार संभाला।
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फरीदाबाद। हरियाणा के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर का फरीदाबाद से गहरा नाता रहा है। वह
पुलिस आयुक्त के तौर पर दो साल यहां रहे थे। उन्होंने 31 अक्तूबर 2011 से 12 फरवरी 2013 तक के अपने कार्यकाल में पुलिस की कार्यप्रणाली में कई अहम सुधार किए। लोगों को यातायात के प्रति जागरूक किया। बढ़ते क्राइम ग्राफ को कम करने के लिए व्यवस्था में सुधार किया।
वर्ष 2012 में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान यातायात के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्होंने स्कूल-कॉलेजों से शुरुआत की।
स्कूल-कॉलेजों में यातायात पुलिस की प्रतियोगिताएं शुरू कराईं। इसे देखते हुए अन्य जिलों ने भी इसे अपने यहां के स्कूलों कॉलेजों में शुरू किया। स्कूल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाता था। इसके अलावा उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सभी थानों को दो-दो साइकिल दी थी। साथ ही थाना प्रभारी से लेकर सिपाही तक को साइकिल से गश्त करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने इसकी शुरुआत करते हुए सेक्टर-21सी स्थित अपने कार्यालय से आठ जवानों को साइकिल पर बिठाकर उन्हें संबंधित थाने भेजा था। उनका मानना था कि इससे आम लोगों की नजर में पुलिस की छवि में सुधार आएगा। इसके अलावा उन्होंने अपने कार्यकाल में शहर में कई बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की थी। फरवरी 2013 को उनका यहां से तबादला हो गया था। इसके बाद उन्होंने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम सहित कई विभागों का कार्यभार संभाला।
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