{"_id":"61686212f145636c1d1c7dc2","slug":"dengue-record-break-faridabad-news-noi610423780","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू के केस ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड, केस 150 पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू के केस ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड, केस 150 पार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद। जिले में डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे है। बृहस्पतिवार को जिले में डेंगू के पांच नए मामलों की पुष्टि हुई। जिले चार साल बाद डेंगू संक्रमितों की संख्या 150 से अधिक हुई है। नए मामले आने के बाद जिले में कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 154 हो गई है। इससे पहले वर्ष 2017 में 153 केस थे। अस्पतालों में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से मरीजों को वार्ड के साथ इमरजेंसी में भी बेड मिलना मुश्किल हो गया है।
सिविल अस्पताल बीके और निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की काफी संख्या देखने को मिल रही है। अस्पताल में जरनल वार्ड से लेकर वीआईपी वार्ड तक मरीजों से भरे पड़े है। ऐसे में कई अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड की कमी पड़ने लगी। मरीज को दाखिल करने के लिए लोगों को अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सिविल अस्पताल बीके की बात करें तो यहां पर ओपीडी में सौ से ज्यादा मरीज बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या भी काफी ज्यादा है। बच्चों के वार्ड में दाखिल मरीजों की संख्या बढ़ रही है। एक ओर जहां पहले कोरोना काल में मरीजों को बेड मिलने में दिक्कत आ रही थी, वहीं अब दोबारा से बेड फुल होने लगे हैं।
मलेरिया विभाग की ओर से डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा अभियान चलाया जा रहा है। लार्वा की जांच कर लोगों को नोटिस भी दिए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को 82 लोगों के चालान किए गए और 39 सौ लोगों को नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा कई जगह टीम के सदस्य खुद लार्वा को नष्ट करने का काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
- डॉ. राम भगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
सिविल अस्पताल बीके और निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की काफी संख्या देखने को मिल रही है। अस्पताल में जरनल वार्ड से लेकर वीआईपी वार्ड तक मरीजों से भरे पड़े है। ऐसे में कई अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड की कमी पड़ने लगी। मरीज को दाखिल करने के लिए लोगों को अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सिविल अस्पताल बीके की बात करें तो यहां पर ओपीडी में सौ से ज्यादा मरीज बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या भी काफी ज्यादा है। बच्चों के वार्ड में दाखिल मरीजों की संख्या बढ़ रही है। एक ओर जहां पहले कोरोना काल में मरीजों को बेड मिलने में दिक्कत आ रही थी, वहीं अब दोबारा से बेड फुल होने लगे हैं।
विज्ञापन
मलेरिया विभाग की ओर से डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा अभियान चलाया जा रहा है। लार्वा की जांच कर लोगों को नोटिस भी दिए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को 82 लोगों के चालान किए गए और 39 सौ लोगों को नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा कई जगह टीम के सदस्य खुद लार्वा को नष्ट करने का काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
- डॉ. राम भगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी