फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   cultural: surajkund dance sadat in arts making her name

जोधपुर की सूआ ने कालबेलिया नृत्य ने विश्वपटल पर बनाई पहचान, अफगानिस्तान की सादत बिखेर रहीं जलवा

Sun, 02 Feb 2020 09:09 PM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sun, 02 Feb 2020 09:09 PM IST
विज्ञापन
cultural: surajkund dance sadat in arts making her name

फरीदाबाद के अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में चौपाल पर अपनी लोककला का जादू बिखेर रहीं जोधपुर की सूआ देवी आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है। अपने पारंपरिक कालबेलिया नृत्य से उन्होंने विश्व पटल पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

विज्ञापन


15 से अधिक देशों में अब अपनी प्रस्तुति दे चुकी हैं। जहां उनके लोक नृत्य को खूब सराहा जा रहा है। सूआ देवी ने बताया कि उनका जन्म 1970 में हुई। किशोरावस्था में ही शादी हो गई थी। वह कभी स्कूल नहीं गई। इसका मलाल जीवनभर रहेगा।
विज्ञापन


मेहनत में निरक्षरता कई बार रोड़ा बनी। ऐसे में कई बार बनते हुए काम बिगड़ गए, मगर उन्होंने हार नहीं मानी। त्योहारों व अमीरों के घर किसी उत्सव पर पर नाच-गाकर, जो पैसे व खाना मिलता था, वो परिवार को चलाने के लिए नाकाफी थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह हाल उनके समुदाय के सभी परिवारों में व्याप्त था, मगर अब उनके दो बेटे और दो बेटी उनके इस नृत्य को देश-विदेश तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सूआ देवी ने बताया कि कालबेलिया नृत्य को जोधपुर सिटी के करीब दो हजार सपेरे परिवारों ने अपनाया है। वह इससे अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाती है।

मोर से नाचने को मजबूर करता है मयूर नृत्य
फरीदाबाद में बृज के मयूर नृत्य को आज कौन नहीं जाता है। हर किसी की जुबान पर भगवान श्री कृष्ण और राधा जी की सुंदर नृत्य छटा बरकरार है। अपनी इसी लोक कला को आगे बढ़ाते हुए मथुरा के लेखराज और नेहा ने चौपाल पर रंगारंग प्रस्तुति दी। इस दौरान उन्होंने पर्यटकों की खूब तालियां बटोरी।

लोक नृत्य में भगवान श्री कृष्ण बने लेखराज ने बताया कि वह बीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे है। बचपन से ही उन्हें अपने लोक नृत्य में रंगने का मन था। इसलिए उन्होंने मथुरा के चरकुला आर्ट अकादमी से लोक नृत्य की शिक्षा ली।

राधा बनी नेहा ने बताया कि वह बीएससी की छात्रा है। उनका इंजीनियर बनने का सपना है। नृत्य केबल पार्ट टाइम के लिए करती है। दोनों की कलाकार सिंगापुर, इंडोनेशिया, अमेरिका, लंदन, इंडोनेशिया समेत विश्व के 10 से ज्यादा देशों में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं।

राज मिस्त्री की बेटी शहला विश्व में बिखेर रही कला का जादू

विषम परिस्थितियों में रह कर भी एक लड़की फर्श से अर्श तक पहुंच सकती है, इसका एक जीवंत उदाहरण है अफगानिस्तान के काबुल शहर से आई शहला सादत।

एक राज मिस्त्री के साधारण से घर में जन्म लेने वाली शहला तालिबानी कुंठित मानसिकता वाले देश में अपनी खुद की ज्वैलरी और हैंडलूम कंपनी का न केवल सफलतापूर्वक संचालन कर रही है, बल्कि अपने देश की महिलाओं की मदद भी कर रही है।

शहला ने बताया कि वर्ष 2017 में काबुल की हयात यूनिवर्सिटी से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक तक शिक्षा ग्रहण की। उसके बाद माता-पिता के प्रोत्साहन से वह चीन में चंचा शहर चली गई। वहां एक साल तक शहला ने जुमोलॉजी सीखी।

आभूषण और कीमती पत्थरों के काम को उसने तल्लीनता से सीखा और काबुल आकर इसी विधा में कारोबार शुरू कर दिया। सादत बानु जेम्स एंड ज्वेलरी और सादत बानु हैंडीक्राफ्ट्स की सीईओ शहला सादत के पास तीस महिला कारीगरों का स्टाफ काम कर रहा है और लगभग दो सौ से अधिक महिलाएं उसके साथ हैंडलूम के व्यवसाय में जुड़ी हुई हैं।

अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में उन्होंने पहली बार स्टाल लगाई है। वह इससे पहले दुबई इंटरनेशनल फेयर में स्टाल लगा चुकी है।

भारत देश की सभ्यता एवं संस्कृति से प्रभावित शहला कहती है कि अफगानिस्तान में करीब 27 करोड़ की आबादी आपस में लड़ती रहती है, जबकि भारत में कितनी शांति है और यहां के नागरिक किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में कोई दखल नहीं देते, चाहे वह किसी धर्म या जाति का हो।

पांचों वक्त नमाज अता करने वाली शहला सादत का कहना है कि इस्लाम एक शांतिप्रिय धर्म है, किंतु जेहाद के नाम पर उसके धर्म की जालिम तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed