फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   गोली लगने से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत

गोली लगने से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत

Mon, 21 Aug 2017 07:15 PM IST
Updated Mon, 21 Aug 2017 07:15 PM IST
विज्ञापन
गोली लगने से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत
गोली से घायल युवक की मौत, अस्पताल में हंगामा-तोड़फोड़
विज्ञापन

फरीदाबाद। मुजैड़ी गांव में 14 मार्च 2017 को रंजिशन सिर में गोली मारे जाने पर घायल हुए मनीष कुमार की सोमवार सुबह सर्वोदय अस्पताल मेें इलाज के दौरान मौत हो गई। शव दिए जाने में देरी होने पर गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बीके सिविल अस्पताल परिसर में मृतक के क्षुब्ध परिजनों की भीड़ देख कर कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई।
मृतक के परिवारीजन जोगिंदर कवासी ने बताया कि 14 मार्च की सुबह मनीष को उसके दोस्त सुखबीर और भगत बुलाकर ले गए थे। शाम चार बजे मनीष घर लौटा था। थोड़ी देर बाद दोनों उसे फिर बुलाकर अपने साथ आईएमटी स्थित खेत पर ले गए। आरोप है कि वहां इन लोगों ने मनीष को शराब पिलाई। इस दौरान मनीष के चाचा चवन वहां पहुंच गए। चवन के मुताबिक, वे लोग बैठे ही थे कि खेत पर मुजैड़ी निवासी दलजीत, कवर सिंह, भवर सिंह, कुलदीप, गज्जू गुर्जर, सतपाल सहित कई लोग आ गए। सतपाल मुजैड़ी ने साथियों को ललकारते हुए कहा कि यह मनीष बैठा है बच कर नहीं निकल पाए। आरोप है कि दलजीत, कंवर सिंह और भंवर तमंचे निकाल कर मनीष पर गोलियां दागने लगे। एक गोली मनीष के बाजू में और एक सिर में लगी थी। उसे गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को मनीष की मौत हो गई। शव मिलने में देर होने से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। अस्पताल के दरवाजे और फर्नीचर तोड़ डाले गए, सिक्योरिटी ने रोकने का प्रयास किया तो उन्हें भी पीटा गया। सूचना पर मौके पर पहुंची सेक्टर सात थाने की पुलिस ने हंगामा शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विज्ञापन


मनीष की मौत होने के बाद केस हत्या की धाराओं में तरमीम किया जाएगा। मामले की जांच सीआईए सेक्टर 56 कर रही है, 302 आईपीसी की धारा जोड़कर जांच सीआईए के सुपुर्द कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

- इंस्पेक्टर हंसराज, एसएचओ सदर बल्लभगढ़

शव रख कर प्रदर्शन करने का योजना
मृतक के रिश्तेदार जोगिंदर कवासी का कहना था कि पुलिस ने मामले में ठीक से जांच नहीं की और मुख्य आरोपियों को जांच में निकाल दिया गया। पुलिस ने मनीष पर हुए जानलेवा हमले में दो नाबालिगों के साथ गज्जू को पकड़ा था, बाद में उन्हें भी छोड़ दिया गया। आरोप है कि पुलिस ने मुख्य मुजरिम सतपाल मुजैड़ी, दलजीत भंवर, कंवर आदि को पकड़ा ही नहीं। आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बनाने के लिए परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने पर नीलम चौक पर रख जाम लगाने की योजना तैयारी की। हालांकि, पुलिस को इसकी भनक लग गई इस पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

हत्या के प्रयास में सजायाफ्ता था मृतक
परिजनों के मुताबिक, सतपाल, दलजीत से मनीष और चवन की रंजिश चल रही थी। 21 अप्रैल 2013 को इन दोनों ने दो अन्य के साथ मिलकर विरोधी पक्ष पर जान लेने की नीयत से हमला किया था। अदालत ने इन दोनों को दोषी करार देते हुए सजा भी सुनाई थी। सभी दोषी जमानत पर जेल से बाहर आए हुए थे।


गैंगस्टर सतपाल मुजेड़ी हत्या में है नामजद
गैंगस्टर सतपाल मुजेड़ी, दलजीत, सुखबीर, भगत और मनीष साथ ही रहते थे, इनमें अच्छी दोस्ती थी। 2013 में किसी बात पर मनमुटाव होने पर मनीष सतपाल मुजैड़ी से अलग हो गया था। इसी माह मनीष ने साथियों के साथ मिलकर सतपाल मुजेड़ी के करीबी पर हत्या करने की नीयत से हमला कर दिया था। तब से सतपाल और मनीष पक्ष में कट्टर दुश्मनी हो गई थी। 14 मार्च की शाम भी सतपाल मुजेड़ी के हुक्म पर ही दलजीत आदि ने मनीष को गोलियां चलाई थीं। भाई जोगिंदर कवासी के मुताबिक सतपाल मुजेड़ी ने साथियों को ललकारा था कि मनीष बैठा है, आज जिंदा वापस नहीं जाना चाहिए। कवासी की मानें तो हमलावरों ने मनीष पर 18 गोलियां दागी थीं जिनमें से एक उसके सिर में और दूसरी दाईं बांह में लगी बाकी गोलियां निशाना चूकने की वजह से नहीं लगीं। मनीष की मौत के बाद अब परिजन केस में नामजद सतपाल मुजेड़ी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पर दबाव बनाने की तैयारी में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed