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सूरजकुंड मेला : महाराष्ट्र होगा थीम स्टेट, थाइलैंड बना पार्टनर कंट्री
Updated Thu, 15 Nov 2018 10:55 PM IST
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mela
- फोटो : amar ujala
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सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में 15 साल बाद एक बार फिर महाराष्ट्र थीम स्टेट होगा, जबकि पार्टनर कंट्री के तौर पर थाइलैंड की कला संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इससे पहले 2006 में महाराष्ट्र मेले का थीम स्टेट बन चुका है, जबकि 2012 में थाइलैंड मेले का पार्टनर कंट्री था। अगले साल 2 से 17 फरवरी तक लगने वाले मेले के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। अतिरिक्त उपायुक्त जितेंद्र दहिया को मेला प्रशासक, जबकि डीसीपी मुख्यालय नितिका गहलौत को मेला पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। शुक्रवार को मेला परिसर में महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के अधिकारियों के आने की संभावना है।
हर साल 1 से 15 फरवरी तक चलने वाले मेले में वर्ष 2018 से बदलाव किया गया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेश पर पर्यटन विभाग ने इसे वीकेंड से शुरू करके वीकेंड पर ही समाप्त करने की योजना तैयार की थी। ऐसे में अगले साल भी दो फरवरी शनिवार को शुरू होकर 17 फरवरी रविवार तक चलेगा। मेले के लिए परिसर को संवारने का काम शुरू हो चुका है। पुरानी हट्स को ठीक किया जा रहा है।
हट्स पर लगी फूस को भी बदले का काम शुरू हो गया है। इसके अलावा छोटी चौपाल पर दर्शकों के बैठने के लिए जगह बढ़ाई जा रही है। ग्रीन रूम और शौचालय तैयार किए जा रहे हैं। शनिवार और रविवार को मेले में सबसे अधिक भीड़ होती है। ऐसे में लोगों को टिकट काउंटर पर लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते टिकट काउंटर भी बढ़ाए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को ऑनलाइन टिकट खरीदने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा ताकि उन्हें लाइनों में लगकर परेशान न होना पड़े।
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वर्ष 2019 में लगने वाले सूरजकुंड मेले के थीम स्टेट के लिए महाराष्ट्र का चयन हुआ है और थाइलैंड पार्टनर कंट्री बनाया गया है। शुक्रवार को महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के अधिकारी मेला परिसर का अवलोकन करने के लिए आ रहे हैं। इसके बाद वे अपनी आगे की कार्य योजना तैयार करेंगे कि मेला परिसर को किस तरह सजाना है।- राजेश जून, नोडल अधिकारी, सूरजकुंड मेला प्राधिकरण
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हर साल 1 से 15 फरवरी तक चलने वाले मेले में वर्ष 2018 से बदलाव किया गया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेश पर पर्यटन विभाग ने इसे वीकेंड से शुरू करके वीकेंड पर ही समाप्त करने की योजना तैयार की थी। ऐसे में अगले साल भी दो फरवरी शनिवार को शुरू होकर 17 फरवरी रविवार तक चलेगा। मेले के लिए परिसर को संवारने का काम शुरू हो चुका है। पुरानी हट्स को ठीक किया जा रहा है।
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हट्स पर लगी फूस को भी बदले का काम शुरू हो गया है। इसके अलावा छोटी चौपाल पर दर्शकों के बैठने के लिए जगह बढ़ाई जा रही है। ग्रीन रूम और शौचालय तैयार किए जा रहे हैं। शनिवार और रविवार को मेले में सबसे अधिक भीड़ होती है। ऐसे में लोगों को टिकट काउंटर पर लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते टिकट काउंटर भी बढ़ाए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को ऑनलाइन टिकट खरीदने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा ताकि उन्हें लाइनों में लगकर परेशान न होना पड़े।
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वर्ष 2019 में लगने वाले सूरजकुंड मेले के थीम स्टेट के लिए महाराष्ट्र का चयन हुआ है और थाइलैंड पार्टनर कंट्री बनाया गया है। शुक्रवार को महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के अधिकारी मेला परिसर का अवलोकन करने के लिए आ रहे हैं। इसके बाद वे अपनी आगे की कार्य योजना तैयार करेंगे कि मेला परिसर को किस तरह सजाना है।- राजेश जून, नोडल अधिकारी, सूरजकुंड मेला प्राधिकरण