फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   दशानन के दहन से पहले शुरू हुई राजनीति

दशानन के दहन से पहले शुरू हुई राजनीति

Sun, 14 Oct 2018 06:36 PM IST
Updated Sun, 14 Oct 2018 06:36 PM IST
विज्ञापन
दशानन के दहन से पहले शुरू हुई राजनीति

विज्ञापन
दशानन के दहन से पहले शुरू हुई राजनीति

फरीदाबाद। एनआईटी दशहरा मैदान में दशहरा पर्व मनाने का मामला गरमाता जा रहा है। दशानन के दहन से पहले ही इस मामले में राजनीति की ऐसी बिसात बिछ गई हैं कि प्रशासन तक इसमें मोहरा बनता नजर आ रहा है। आरोप प्रत्यारोप के दौर भी शुरू हो गए हैं।
रविवार को फरीदाबाद धार्मिक एवं सामाजिक संगठन की चेयरपर्सन राधा नरूला ने सिद्घपीठ हनुमान मंदिर के पूर्व प्रधान राजेश भाटिया पर कई गंभीर आरोप लगाए। प्रेसवार्ता में राधा नरूला ने कहा कि राजेश भाटिया का धार्मिक कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि शुरुआत से धार्मिक एवं सामाजिक संगठन दशहरा मैदान में ही दशहरा मनाता आ रहा है। कोई भी व्यक्ति रावण का पुतला लेकर वहां आ सकता था लेकिन साल 2011 से यह विवाद शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि सिद्घपीठ हनुमान मंदिर पर जब पहली बार प्रशासनिक अधिकारियों की कमेटी गठित की गई थी, तब राजेश भाटिया ने लंका दहन, शोभा यात्रा सहित अन्य कार्यक्रमों के रूप में प्रशासन से 60 लाख रुपये की मांग की थी। हालांकि, इन आरोपों को लेकर वह कोई सबूत नहीं पेश कर पाईं। संगठन के प्रधान जोगेंद्र चावला ने कहा कि प्रशासन के आदेश पर एनआईटी दशहरा मैदान में भव्य दशहरा मनाया जाएगा। प्रशासन ने दशहरा मनाने के लिए 23 सदस्यीय कमेटी गठित की है जिसमें 14 सदस्य शहर के मौजिज व शहर की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि हैं। 17 अक्टूबर को आयोजित लंका दहन कार्यक्रम से पूर्व दशहरा मैदान में डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन

उधर, राजेश भाटिया ने कहा कि फरीदाबाद धार्मिक एवं सामाजिक संगठन के इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं।

उद्योग मंत्री से मिले राजेश भाटिया
सिद्ध पीठ श्री हनुमान मंदिर के पूर्व प्रधान राजेश भाटिया व उनके प्रतिनिधि मंडल ने उद्योग मंत्री विपुल गोयल से मुलाकात की।। भाटिया ने विपुल गोयल को अपने सभी दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि प्रशासन को भी यह सभी दस्तावेज दिखा दिए हैं, उसके बावजूद उन्हें अनुमति नहीं दी जा रही है। उद्योग मंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि इस बार सिद्ध पीठ ही दशहरा पर्व मनाएगी। उन्होंने डीसी को फोन करके अनुमति देने के मामले की बात कहते हुए पूरे मामले की जानकारी ली और मंदिर को अनुमति देने की बात कही। उद्योग मंत्री ने इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखे जाने का भी आश्वासन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed