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ऑस्ट्रेलिया में निशाना साधेंगे फरीदाबाद के चार तीरंदाज
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 26 Feb 2016 05:39 PM IST
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ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में शहर के चार तीरंदाज निशाना साधते नजर आएंगे। विकास डागर, धर्मेद्र सौरोत, कर्मवीर सौरोत और प्रवीण शर्मा का चयन इस प्रतियोगता के लिए हुआ है। प्रतियोगिता सितंबर में आयोजित होगी। शहर में तीरंदाजी खेल की सुविधाओं का अभाव है।
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इसके बावजूद ऐसे खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं, जो अपने दम पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर खेल विभाग की कमियों को आईना दिखा रहे हैं। इन खिलाडिय़ों ने हाल ही में तमिलनाडु में संपन्न हुई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में विभिन्न इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर हरियाणा को चैंपियन बनाया है।
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निशाना साधेगा किसान का बेटा
राजीव कालोनी में रहने वाले विकास यादव किसान के बेटे हैं। मध्यम परिवार से ताल्लुक रखते हैं। 21 फरवरी को संपन्न हुई राष्ट्रीय तींरदाजी में 30, 50 और 70 मीटर की दूरी में तीन स्वर्ण पदक झटक चुके है। अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी चयन से बेहद खुश हैं। उनका अगला लक्ष्य देश के लिए पदक जीतना है। इनका कहना है खेल विभाग की ओर से तीरंदाजों के लिए कोई अकादमी नहीं है और न ही कोई कोच। बिना द्रोण के खुद ही अभ्यास करते हैं। विभाग की ओर से कोई सुविधाएं नहीं मिलती।
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कई बार मनवा चुके हैं लोहा
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखने वाले कर्मवीर राष्ट्रीय स्तर पर कई बार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का पहला मौका मिला है, जिसमें देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना लक्ष्य रहेगा। इन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक स्वर्ण व एक कांस्य पदक जीता है। कर्मवीर का कहना है कि बेशक सुविधाओं का अभाव है, लेकिन हम तीरंदाजी में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। यदि खेल विभाग से सुविधाएं मिलेंगी तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन में मदद मिलेगी
देश का नाम रोशन करना इच्छा
तीरंदाज व शूटिंग जैसे महेंगे खेल में परिवार के साथ खेल विभाग का सहयोग भी जरूरी है। शहर में सभी सुविधाएं मिलेंगी तो नए तीरंदाजों को आगे आने का मौका मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर कंपाउंड व इंडिविजुअल में तीन पदक जीतने में सफल रहे पलवल के धर्मेंद्र अब अपने देश का नाम रोशन करने की इच्छा रखते हैं। अगला लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया में हरियाणा को ओवर ऑल चैंपियन बनाना है। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है।
नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप के रिकर्व राउंड की टीम में स्वर्ण और इंडिविजुअल में तीन स्वर्ण जीतने के बाद गौछी गांव के प्रवीण का चयन इंटरनेशनल चैंपियनशिप में हुआ है। स्वर्ण पदक जीतना लक्ष्य रहेगा। इनका कहना है कि सिंतबर से पहले यदि खेल विभाग खिलाडिय़ों को सुविधा उपलब्ध कराता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने से कोई रोक नहीं पाएगा। अभी खुले आसमान के नीचे अभ्यास करने को तीरंदाज मजबूर हैं।