फरीदाबाद के आईटी एक्सपर्ट ने किया भाजपा को डिजिटल
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देश में भाजपा को डिजिटल स्वरूप देने का काम औद्योगिक नगरी के दो आईटी एक्सपर्टस ने किया है। डिजिटल भाजपा एप बनाने से लेकर सांगठनिक ढ़ाचें को कैसे डिजिटल रूप की एक माला में पिरोया जाए, यह काम शहर के आईटी दिग्गज विक्रम गौड़ और नीरज गौड़ ने किया।
अरावली की वादियों में स्थित सूरजकुंड में बृहस्पतिवार को भाजपा के विधायक से लेकर सांसद, मंत्रियों और मंडल से लेकर प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को डिजिटलाइजेशन का पाठ पढ़ाया गया।
भाजपा को डिजिटल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले विक्रम और नीरज पिछले 12 साल से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। पिछले 9 साल से पार्टी के आईटी प्रकोष्ठ का जिम्मा संभाले हुए हैं। दोनों का राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से पुराना नाता है। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही दोनों ने संघ से नाता जोड़ लिया था।
आईटी एक्सपोर्ट के तौर पर केवल भाजपा को समर्पित विक्रम और नीरज सामथ्र्य फाउंडेशन एनजीओ की शुरुआत की, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को स्वावलंबी बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, विक्रम गौड़ मूलरूप से रोहतक के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले दशक से ज्यादा समय उन्होंने फरीदाबाद में बिताया है। फिलहाल, विक्रम गौड़ प्रदेश के आईटी सेल के संयोजक भी हैं।
पहले चरण में 600 से ज्यादा लोग जुड़ेंगे
भाजपा की आईटी सेल के संयोजक विक्रम गौड़ ने बताया कि डिजिटल भाजपा के एप से पहले चरण में 600 पार्टी पदाधिकारियों को जोड़ा जाएगा। प्रशिक्षण देने के बाद प्रदेश के हर जिले में 35 कार्यकताओं को ट्रेंनिग दी जाएगी। जो आगे चल कर अन्य कार्यकताओं को डिजिटल बनाएगें। चुनाव से पहले हर बूथ एजेंट को एप से जोडने की योजना है। जिससे की एक मैसेज से सभी कार्यकताओं तक कुछ ही मिनटों में जानकारी मिल जाएगी। डिजिटल एप को चलाने के लिए राज्य स्तर पर 10 और जिला स्तर पर 5 वर्क स्टेशन बनाए जाएंगे।
कैसे काम करेगा ऐप
डिजिटल भाजपा के नाम से बनाए गए एप को एंडरॉयड फोन मे डाउनलोड किया जा सकता है। उसके बाद जिले में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकताओं को इससे जोड़ा जाएगा। कार्यकताओं को जोडने के लिए आईटी सेल कार्यकता की आईडी बना कर उनको यूजर नेम और पासवर्ड उपलब्ध कराएगा। कार्यकर्ता के जुडने के बाद एप में वह फोटो,वीडियो, दस्तावेज ,सोशल मिडिया के लिंक, समस्या और शिकायतों को अपलोड कर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर शेयर किया जा सकेगा।
1994 में जब मैंने मोबाइल का प्रयोग करना सिखा था तो उस समय मोबाइल पर बात करना बेहद महंगा था। जिससे हर आदमी का जुडना मुश्किल था लेकिन अब मोबाइल और कंप्यूटर से लोग आसानी से जुड़ सकते हैं। जिनको जानाकरी नही है उनको हमारे एक्सपर्ट सिखाएंगे।-मनोहरलाल, मुख्यमंत्री हरियाणा