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5 लाख के नकली नोटों की खेप के साथ एक गिरफ्तार, पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा
Tue, 11 Jun 2019 08:35 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 11 Jun 2019 08:35 PM IST
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पुलिस ने पकड़े नकली नोट
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोट सप्लाई करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के एक नोट सप्लायर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 5 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नकली नोट नेपाल व बांग्लादेश से भारत में सप्लाई किए जाते हैं।
भारत-बांग्ला बॉर्डर से पश्चिमी बंगाल के रास्ते बिहार पहुंचाए जाते हैं और वहां से देशभर में सप्लाई कर दिए जाते हैं। स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में नकली नोट सप्लाई होने की खबर इंस्पेक्टर विवेकानंद पाठक व इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह को करीब 6 माह पहले मिली थी।
जांच में पता चला कि यह गोरखधंधा नेपाल और बांग्लादेश से चल रहा है। 6 जून को इस टीम को सूचना मिली कि गिरोह का सदस्य संतोष कुमार सिंह नकली नोटों की खेप लेकर आईएसबीटी कश्मीरी गेट आएगा।
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पुलिस ने घेराबंदी कर संतोष कुमार को पकड़ लिया। उसके पास से 5 लाख रुपये नकली नोट मिले, जो 2-2 हजार के थे। नोटों की क्वालिटी इतनी बढ़िया हैं कि असली नोटों में मिलाकर उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल है। नकली नोटों में सुरक्षा धागा और वाटरमार्क आदि भी बने हुए हैं।
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भारत-बांग्ला बॉर्डर से पश्चिमी बंगाल के रास्ते बिहार पहुंचाए जाते हैं और वहां से देशभर में सप्लाई कर दिए जाते हैं। स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में नकली नोट सप्लाई होने की खबर इंस्पेक्टर विवेकानंद पाठक व इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह को करीब 6 माह पहले मिली थी।
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जांच में पता चला कि यह गोरखधंधा नेपाल और बांग्लादेश से चल रहा है। 6 जून को इस टीम को सूचना मिली कि गिरोह का सदस्य संतोष कुमार सिंह नकली नोटों की खेप लेकर आईएसबीटी कश्मीरी गेट आएगा।
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पुलिस ने घेराबंदी कर संतोष कुमार को पकड़ लिया। उसके पास से 5 लाख रुपये नकली नोट मिले, जो 2-2 हजार के थे। नोटों की क्वालिटी इतनी बढ़िया हैं कि असली नोटों में मिलाकर उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल है। नकली नोटों में सुरक्षा धागा और वाटरमार्क आदि भी बने हुए हैं।
संतोष कुमार ने बताया कि वह नकली नोट मोतीहारी (बिहार) निवासी नवल से लेता था। इसके बाद यूपी, हरियाणा व दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था। गांव कर्ण कुदारिया, जिला छपरा (बिहार) निवासी संतोष कुमार सिंह (32) गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है।
10वीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ने के बाद वह नेपाल में प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करने लगा। पारिवारिक समस्या के कारण वह नेपाल से वापस अपने गांव लौट गया। इसके बाद वह नवल के संपर्क में आया और नवल के कहने पर नकली नोटों की सप्लाई करने लगा। संतोष एक वर्ष से नकली नोट सप्लाई कर रहा था।
40 रुपये में लेता था 100 का नकली नोट
आरोपी संतोष ने पुलिस को बताया कि वह नवल से 40 रुपये में 100 रुपये का नकली नोट लेता था और उसे आगे 50 से 60 रुपये लेकर सप्लाई करता था। अभी तक वह दिल्ली, यूपी और हरियाणा में नकली नोटों की 5 खेप लगा चुका है। लगभग 20 लाख रुपये के नकली नोट वह मार्केट में खपा चुका है।
10वीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ने के बाद वह नेपाल में प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करने लगा। पारिवारिक समस्या के कारण वह नेपाल से वापस अपने गांव लौट गया। इसके बाद वह नवल के संपर्क में आया और नवल के कहने पर नकली नोटों की सप्लाई करने लगा। संतोष एक वर्ष से नकली नोट सप्लाई कर रहा था।
40 रुपये में लेता था 100 का नकली नोट
आरोपी संतोष ने पुलिस को बताया कि वह नवल से 40 रुपये में 100 रुपये का नकली नोट लेता था और उसे आगे 50 से 60 रुपये लेकर सप्लाई करता था। अभी तक वह दिल्ली, यूपी और हरियाणा में नकली नोटों की 5 खेप लगा चुका है। लगभग 20 लाख रुपये के नकली नोट वह मार्केट में खपा चुका है।