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फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 2800 से 3500 तक में बेचते थे एक सिम, 6 गिरफ्तार
Sat, 30 Mar 2019 06:40 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 30 Mar 2019 06:40 AM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस ने दूसरे के दस्तावेज पर सिम कार्ड जारी कर फर्जी कॉल सेंटर चलाने और बदमाशों को मुहैया करवाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार छह आरोपी टेलीकॉम कंपनी से जुड़े हैं।
इन सिम कार्ड के जरिये बदमाश लोगों से उगाही, धमकी और ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। जांच में पता चला कि आरोपी ज्यादातर सिम उन लोगों को मुहैया करवाते थे जो दिल्ली, नोएडा व अन्य जगहों पर फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे।
इस आधार पर पुलिस ने उत्तम नगर निवासी प्रिंस हिंदुजा (25) को गिरफ्तार किया जो निर्माण विहार में फर्जी कॉल सेंटर चलाता था। प्रिंस का एक सहयोगी अभी फरार है। जिसके पास फर्जी सिम कार्ड हैं।
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उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कन्नौज उत्तर प्रदेश निवासी मोहम्मद शकील (21), रामजी पटेल (21), रचित (23), उत्तम नगर निवासी विशाल (23), रोहिणी निवासी पंकज (23) और नांगलोई निवासी मनीष दाईमा (22) के रूप में हुई है।
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इन सिम कार्ड के जरिये बदमाश लोगों से उगाही, धमकी और ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। जांच में पता चला कि आरोपी ज्यादातर सिम उन लोगों को मुहैया करवाते थे जो दिल्ली, नोएडा व अन्य जगहों पर फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे।
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इस आधार पर पुलिस ने उत्तम नगर निवासी प्रिंस हिंदुजा (25) को गिरफ्तार किया जो निर्माण विहार में फर्जी कॉल सेंटर चलाता था। प्रिंस का एक सहयोगी अभी फरार है। जिसके पास फर्जी सिम कार्ड हैं।
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उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कन्नौज उत्तर प्रदेश निवासी मोहम्मद शकील (21), रामजी पटेल (21), रचित (23), उत्तम नगर निवासी विशाल (23), रोहिणी निवासी पंकज (23) और नांगलोई निवासी मनीष दाईमा (22) के रूप में हुई है।
ये 6 आरोपी टेलीकॉम कंपनी से जुड़े है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस शराब ठेकेदार को मिल रही धमकी के मामले की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को आरोपियों का मोबाइल नंबर मिला।
मोबाइल नंबर की जांच करते हुए पुलिस कन्नौज उत्तर प्रदेश पहुंची। जांच में पता चला कि घटना से पूर्व तक इस नंबर का इस्तेमाल गुड़सईगंज, कन्नौज निवासी मोहम्मद शकील कर रहा था। पुलिस ने शकील को गिरफ्तार कर लिया।
उसके पास से मोबाइल फोन जब्त कर लिया। जांच में पता चला कि शकील टेलीकॉम फर्म का डिस्ट्रीब्यूटर है। पुलिस ने शकील के जरिए इस धंधे से जुड़े पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल नंबर की जांच करते हुए पुलिस कन्नौज उत्तर प्रदेश पहुंची। जांच में पता चला कि घटना से पूर्व तक इस नंबर का इस्तेमाल गुड़सईगंज, कन्नौज निवासी मोहम्मद शकील कर रहा था। पुलिस ने शकील को गिरफ्तार कर लिया।
उसके पास से मोबाइल फोन जब्त कर लिया। जांच में पता चला कि शकील टेलीकॉम फर्म का डिस्ट्रीब्यूटर है। पुलिस ने शकील के जरिए इस धंधे से जुड़े पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
एक गैंग की तरह काम करते हैं आरोपी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फरार इटावा निवासी विशाल और राहुल मोबाइल रिटेल आउटलेट पर काम करते हैं। इनकी मुलाकात पंकज से हुई। फिर तीनों आरोपियों ने यूपी से फर्जी सिम कार्ड लेकर उसे ऊंचे दाम पर बेचने की योजना बनाई। रचित गुसाईगंज, कन्नौज में टेलीकॉम शॉप चलाने वाले रामजी से मिला।
रामजी ने उसके बाद से दुकान पर आने वाले ग्राहकों को उनके दस्तावेज पर उन्हें एक सिम दे देता था, लेकिन उनके दस्तावेज का इस्तेमाल कर कंपनी से कई सिम जारी करवा लेता था। इसमें उसकी मदद डिस्ट्रीब्यूटर मोहम्मद शकील करता था। रचित इनके पास से दो सौ से ढाई सौ सिम खरीदने के बाद उसे दिल्ली व अन्य जिलों में ऊंचे दाम में बेच देता था।
2800 से 3500 तक में बेच देते थे एक सिम
जांच के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी सिम कार्ड को ऐसे लोगों को बेचता था, जिनके पास अपने दस्तावेज नहीं होते थे या फिर ऐसे लोग जिन्हें यह पता था कि इस सिम कार्ड के जरिए अगर वह कोई अपराध करते हैैं तो उन तक पुलिस नहीं पहुंच पाएगी। आरोपी सिम को 130 रुपये में खरीदकर उसे 2800 से 3500 तक में बेच देते थे।
रामजी ने उसके बाद से दुकान पर आने वाले ग्राहकों को उनके दस्तावेज पर उन्हें एक सिम दे देता था, लेकिन उनके दस्तावेज का इस्तेमाल कर कंपनी से कई सिम जारी करवा लेता था। इसमें उसकी मदद डिस्ट्रीब्यूटर मोहम्मद शकील करता था। रचित इनके पास से दो सौ से ढाई सौ सिम खरीदने के बाद उसे दिल्ली व अन्य जिलों में ऊंचे दाम में बेच देता था।
2800 से 3500 तक में बेच देते थे एक सिम
जांच के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी सिम कार्ड को ऐसे लोगों को बेचता था, जिनके पास अपने दस्तावेज नहीं होते थे या फिर ऐसे लोग जिन्हें यह पता था कि इस सिम कार्ड के जरिए अगर वह कोई अपराध करते हैैं तो उन तक पुलिस नहीं पहुंच पाएगी। आरोपी सिम को 130 रुपये में खरीदकर उसे 2800 से 3500 तक में बेच देते थे।