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जर्जर हालत में अस्पताल, बीमारी के चलते परेशानी से जूझ रहे मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 29 Jun 2016 12:03 AM IST
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जर्जर हालत में अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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सिविल अस्पताल में संसाधनों की कमी है। जिसके कारण परेशान मरीजों को होना पड़ रहा है। अस्पताल में रिक्त पड़े डॉक्टरों, नर्सों, लैब टैकनीशियन के पद रिक्त पड़े हैं। अस्पताल का भवन भी पूरी तरह जर्जर हो चुका है।
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फिरोजपुर झिरका सीएसची का भवन 1975 में बना था। इस अस्पताल की हालत इस समय बहुत खराब है। दुर्घटना में घायल लोगों को कई घंटे तक पड़ा रहने के बाद उनका उपचार किया जाता है। न तो बीमारी की जांच के लिए लैब टैकनीशियन हैं और न ही उपचार के लिए पर्याप्त डॉक्टर। अस्पताल में 7 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। सातों पद रिक्त पड़े हैं।
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सिविल सर्जन ने बीवां अस्पताल के डॉक्टर भगवान सहाय सिंघल को यहां पर डेपूटेशन पर बुलाया हुआ है। स्टाफ नर्सों के आठ पद स्वीकृत हैं। लेकिन इनमें से केवल दो ही स्टाफ नर्स यहां काम कर रही हैं। पिछले कई वर्षों से कोई भी महिला चिकित्सक नहीं है। अस्पताल में एएनएम एवं स्टाफ नर्स डिलीवरी कर रही हैं।
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एक्स-रे करने के लिए अस्पताल में नई मशीन मंगवाई गई थी। लेकिन पिछले कई वर्षों से रेडियोग्राफर न होने के कारण अस्पताल में एक्स-रे नहीं हो रहे हैं। लाखों की मशीन पर धूल जमा हो रही है। डैंटल सर्जन न होने के कारण लाखों की डैंटल चेयर पर पर धूल जमा हो रही है।
सिविल सर्जन डॉ. बीके राजौरा का कहना है कि मेवात में डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की काफी कमी है। जितना स्टाफ है उससे ही लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने की पूरी कोशिश की जा रही है।