दिल्ली की इस हाड़ कंपाने वाली सर्दी से खत्म हो सकती है आपकी सुनने की शक्ति, ऐसे करें बचाव
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष सह मूलचंद अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.के.के.अग्रवाल ने बताया कि ठंड के मौसम में हृदय रोगियों को खतरा बढ़ जाता है। सर्दी की वजह से ऑट्रिज में सिकुडन होने लगता है जिसकी वजह से हृदय में रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है।
इसकी वजह से हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है। हृदय रोगियों का ब्लड प्रेशर और पल्स बढ़ जाता है। इस मौसम में अत्यधीक शराब और सिगरेट पीने से भी मरीजों को दिक्कत होती है। हृदय रोगियों को जनवरी और फरवरी माह में अपने चिकित्सक से मिलकर दवा की डोज बढ़वा लेनी चाहिए। यही नहीं सुबह के समय सर्दी ज्यादा होती है लिहाजा सुबह की सैर से परहेज करना चाहिए।
सुनने की शक्ति भी खत्म हो सकती है
दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के ईएनटी के डॉ.सौरभ जैन ने बताया कि सर्दी के मौसम में अधिक दिनों तक बच्चों को जुकाम हुआ तो निमोनिया के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। पांच से सात दिनों तक लगातार झुकाम रहता है तब बोलने की नाड़ी सूख जाती है इससे आबाज खराब होने का खतरा है।
इसके साथ ही गले और कान को जोडने वाली यूटेसियन ट्यूब पर दुष्प्रभाव पडने से सुनने की शक्ति भी खत्म हो सकती है। ठंड से बचाव करना चाहिए और घर से अचानक बाहर खेलने के लिए नहीं निकलना चाहिए।
वेंकटेश्वर अस्पताल के पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ.के.एस.राणा का कहना है कि अत्यधीक सर्दी मौसम नर्व को प्रभावित करता है और इससे बच्चों को अधिक खतरा रहता है। इसकी वजह से बच्चों के सिर में दर्द और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है।