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एसओजी के जवान बनकर जबरन वसूली: एएटीएस ने तीन बदमाशों को किया गिरफ्तार, ऐसे बनाते थे शिकार

Mon, 28 Mar 2022 11:18 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 28 Mar 2022 11:18 PM IST
सार

पूछताछ में पता लगा कि अनूप और विपिन यूपी पुलिस में अनुबंध के आधार पर पीसीआर ड्राइवर के रूप में नौ साल काम कर चुके हैं। इस कारण ये पुलिस के उपकरणों व कामकाज के बारे में अच्छी तरह वाफिक थे।

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Extortion by becoming SOG jawans AATS arrested three miscreants
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दक्षिण जिले की वाहन चोरी निरोधक दस्ते(एएटीएस) ने तीन ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया है जो दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा व यूपी की एसओजी के जवान बनकर जबरन वसूली करते थे। आरोपियों के पास से एक लाइसेंसी पिस्टल, तीन कारतूस, तीन डमी कारतूस, एक खिलौना पिस्टल, दो डोरी, तीन वॉकी-टॉकी वायरलेस सेट, एक वायरलैस सेट, तीन पुलिस स्टिकर्स, एक ब्लिंकर लाइट और दो पुलिस मास्क बरामद किए गए हैं। ये ऐसे व्यक्ति से उगाही करते थे जो इन्हें लगता था कि वह गलत काम कर रहा है। ये पीड़ित को तीन-चार घंटे सड़कों पर घूमाते थे। उसके बाद उससे या फिर उसके परिजनों से छोडने की एवज में जबरन उगाही करते थे। दो आरोपी यूपी पुलिस में लंबे समय तक पीसीआर ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं। 

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दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार बदरपुर निवासी किरण पाल ने एएटीएस प्रभारी उमेश यादव को शिकायत दी थी कि वह सिविल डिफेंस वॉलंटियर है। वह 14 मार्च को रात 11.30 बजे मोटरसाइकिल से घर जा रहा था। जब वह बत्रा अस्पताल के सामने पहुंचा तो एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार ने उसकी मोटरसाइकिल को ओवरटेक करके रोक लिया। कार में बैठ चार लोगों ने खुद को एसओजी, यूपी का पुलिस अधिकारी बताया।

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किरणपाल को कार के अंदर बैठा लिया। ये लोग किरण पाल को नोएडा, यूपी ले गया और सड़कों पर घूमाते रहे। आरोपियों ने पीड़ित से उसके घर वालों को फोन करवाया और किरणपाल को छोडने की एजव में एक लाख रुपये मांगे। बाद में 60 हजार रुपये लेकर किरणपाल को छोड़ दिया। एएटीएस प्रभारी उमेश यादव की देखरेख में एसआई राहुल मालन, एसआई विक्रांत व एएसआई अनिल की टीम आरोपियों की तलाश कर रही थी।। पुलिस टीम ने मोबाइल सर्विलांस व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गांव मोहम्दाबाद, जिला औरैया यूपी निवासी अनूप कुमार(35), गांव जगतपुर, बिछमा जिला मैनपुरी यूपी निवासी विपिन (37) और अभिनाश उर्फ बिलाल (37) को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।


 

पूछताछ में पता लगा कि अनूप और विपिन यूपी पुलिस में अनुबंध के आधार पर पीसीआर ड्राइवर के रूप में नौ साल काम कर चुके हैं। इस कारण ये पुलिस के उपकरणों व कामकाज के बारे में अच्छी तरह वाफिक थे। वर्ष 2019 में उन्हें सेक्टर 39, नोएडा यूपी में इसी तरह के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जेल से छूटने के बाद इन्होंने फिर से उगाही करना शुरू कर दिया। इन दोनों के खिलाफ सेक्टर-39, नोएडा यूपी में मामला 11 जून, 2019 को दर्ज हुआ था।


 
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अगवा करके करते थे जबरन वसूली

आरोपी खुद को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा व यूपी पुलिस का एसओजी का अधिकारी बताकर पीड़ितों को कार में अगवा कर लेते थे। इसके बाद पुलिस को आम्र्स एक्ट, ड्रग्स और फर्जी कॉल सेंटर के मामले में फंसाने की धमकी देते थे। ये कार में फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे। इसके बाद ये पीड़ित के मोबाइल से उसके परिजनों व रिश्तेदारों को फोन करते थे और छोडने की एवज में पैसे मांगते थे। पैसे लेकर ये पीड़ित को छोड़ देते थे। इनके पास से तीन वॉकी-टॉकी सेट होते थे। इनका इस्तेमाल ये पुलिस कर्मचारी की तरह दिखावा करते थे। आरोपियों ने खुलासा किया है कि वह दो वर्षों से इस तरह की अपराध वारदात कर रहे हैं। ये पूर्वी दिल्ली, दक्षिण-पूर्व जिला, नोएडा व ग्रेटर नोएडा में वारदात कर चुके हैं। ये सट्टेबाज और फर्जी कॉल सेंटर संचालक को अपना निशाना बनाते थे। ये लोग इनको आसानी से पैसे दे देते थे। 

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