आतंकी हमले के आरोपी संग दिखने पर फंसीं शीला
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दिल्ली पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विवादों में घिर गईं हैं। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने दिल्ली के मुख्य सचिव को पत्र लिखते हुए यह पूछा है कि शीला दीक्षित एक ऊर्दू अखबार के री-लॉन्चिंग के मौके पर सैयद मोहम्मद अहमद काजमी के साथ क्या कर रही थीं?
मालूम हो कि काजमी 2012 में इजरायली दूतावास पर हुए हमले का मुख्य आरोपी है। पिछले साल 17 अप्रैल को शीला दीक्षित ने एक समारोह में उस काजमी के साथ शिरकत की थी जिसने इजरायली दूत तल येहोशुआ कोरेन पर हमला किया था।
इजरायल ने इस हमले का जिम्मेदार इरान को बताया था, जिसके बाद पुलिस ने काजमी को इजरायली दूतावास में बम प्लांट करने वालों की मदद करने के लिए गिरफ्तार कर लिया है। काजमी को सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में ही बेल पर छोड़ दिया था।
2013 से गृह मंत्रालय मांग रही है जवाब
17 अप्रैल 2013 में जब शीला दीक्षित ने इस समारोह में हिस्सा लिया था तब भी इजराइल ने इसका विरोध किया था और विदेश मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर गृह मंत्रालय से जवाब मांगा था। गृह मंत्रालय ने इस विषय पर दिल्ली सरकार को चिट्ठी लिखकर जवाब भी मांगा था पर कभी कोई जवाब नहीं मिला।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में गृह मंत्रालय ने दिल्ली के मुख्य सचिव डीएम स्पोलिया को पत्र लिखकर इस विषय में सरकार का रुख जानने की कोशिश की है। स्पोलिया 2013 में भी दिल्ली के मुख्य सचिव थे जब शीला दीक्षित ने विवादित समारोह में शिरकत की थी।
माना जा रहा है कि इस हफ्ते गृह मंत्री राजनाथ सिंह इजरायल की यात्रा पर द्विपक्षी वार्ता के लिए जा सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली सरकार के जवाब से यह तय होगा कि भविष्य में शीला दीक्षित पर क्या कार्रवाई की जाएगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि जब दिल्ली सरकार से जवाब मांगा गया था तब शीला दीक्षित सत्ता में थी। उसके बाद आप आई जिसने कुछ नहीं किया। अब जरूरत यह है कि दिल्ली सरकार इस मामले पर अपना रुख साफ करे और यह मामला जल्द से जल्द सुलझा लिया जाए।