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Exclusive: युद्ध के वक्त भारत की रणनीति जानना चाहता था पाक

Wed, 09 Dec 2015 12:56 PM IST
Updated Wed, 09 Dec 2015 12:56 PM IST
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Exclusive: Pakistan wanted to know War strategy of the indian army

पाकिस्तान में बैठा आईएसआई हैंडलर भारत में मौजूद उसके एजेंटों से युद्ध होने पर सेना का ऑर्बिट (क्रम) पूछ रहा था। अगर लड़ाई होती है तो बॉर्डर पर सबसे पहले सेना की कौन सी बटालियन आएगी।

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कौन बटालियन कहां तैनात है। ये खुलासा गिरफ्तार सेना के राइफलमैन फरीदखान ने किया है। उसने ये भी खुलासा किया है कि उसने सबसे ज्यादा गोपनीय सूचना सेना की 26 डिवीजन के बारे में दी हैं।
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सुरक्षा एजेंसियों अब ये सोचने को मजबूर हो गई हैं कि आखिर पाकिस्तान का इस तरह की जानकारी मांगने का उद्देश्य क्या है। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फरीदखान से मंगलवार को विस्तार से पूछताछ की गई।
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जासूस जानते थे कि सूचनाओं से बढ़ रही है घुसपैठ

Exclusive: Pakistan wanted to know War strategy of the indian army

युद्ध छिड़ने पर कौन सी बटालियन कहां तैनात होगी या है, उसकी क्षमता क्या है, उसके पास कैसे हथियार हैं, गोला बारूद कितना है। फरीदखान का कहना है कि वह शुरू से ही सेना की 26 डिवीजन की सूचना दे रहा था और पकड़े जाने तक काफी सूचनाएं दे चुका है।


अपराध शाखा द्वारा गिरफ्तार आरोपियों को ये पता था कि वह जो सूचनाएं पाकिस्तान को दे रहे हैं उससे भारत में घुसपैठ बढ़ रही है। घुसपैठ के चलते सेना के जवान काफी संख्या में घायल हो रहे हैं।

इससे इन लोगों को लगता था कि वह सूचनाएं देकर गलत कर रहे हैं। मगर हैंडलर व कफायतुल्ला ने इन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था।

पाक हैंडलर इन्हें सिर्फ आश्वासन दे रहा था

Exclusive: Pakistan wanted to know War strategy of the indian army

हालांकि आईएसआई एजेंटों के पास इस समय पाक हैंडलर पैसे नहीं भेज रहा था। गिरफ्तार सभी आरोपी बार-बार पाक हैंडलर फैजल से पैसे मांग रहे थे।

पाक हैंडलर इन्हें सिर्फ आश्वासन दे रहा था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दिल्ली स्थित पाक उच्चायोग में बैठे अधिकारी की पहचान के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है।

हालांकि उच्चायोग में बैठकर भारतीय एजेंट कफायतुल्ला का वीजा बनवाने वाले अधिकारी की पहचान नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विदेश मंत्रालय को पूरी रिपोर्ट भेजकर जानकारी दे दी गई है।

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