जानें, टीम मोदी के इस सिपाही की खासियत
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केंद्र सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनने के बाद गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि अब उन्हें सेवा करने का बड़ा मौका मिला है। पेशे से डॉक्टर होने के चलते वह पहले भी चिकित्सा के रूप में सेवा कार्य से जुड़े रहे हैं।
अमर उजाला से खास बातचीत में डॉ. महेश ने कहा कि वह पिछले 25 साल से नोएडा समेत आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा के माध्यम से लोगों से जुड़े हुए थे। जब 2009 में पहली बार गौतमबुद्ध नगर सीट बनी थी तो सांसद बनने का प्रयास किया था लेकिन सफलता नहीं मिली।
मगर वह संकल्प ले चुके थे कि वे अब राजनीतिक स्तर से भी लोगों की सेवा करेंगे और लोगों ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 2.80 लाख वोटों से जीत दिलाकर वह अवसर दे दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 1984 में नोएडा में आकर एक क्लीनिक में पत्नी डॉ. उमा शर्मा के साथ काम शुरू किया था।
डॉ. महेश शर्मा का कॅरियर:
- पेशे से डॉक्टर और कैलाश अस्पताल समूह के प्रबंध निदेशक हैं।
- पिछले 25 सालों से नोएडा में रहकर भाजपा से जुड़े हैं।
- 2009 में गौतमबुद्ध नगर से लोकसभा का चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए।
- 2012 में बनी नोएडा विधान सभा सीट से विधायक चुने गए।
- 2014 में लोकसभा के चुनाव में गौतमबुद्धनगर के सांसद चुने गए।
'लोगों के प्यार के चलते इस मुकाम तक पहुंचे हैं'
30 सितंबर 1959 में राजस्थान के अलवर स्थित गांव मनेठी में पैदा हुए महेश ने कहा कि उनका शुरू से ही आरएसएस की तरफ झुकाव था और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में रहकर काम किया। उसी दौरान भाजपा में आ गए थे।
उन्होंने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, खुर्जा, देहरादून, राजस्थान, हरिद्वार और फरीदाबाद में कैलाश अस्पताल स्थापित करने के पीछे यही लक्ष्य था कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक चिकित्सा उपलब्ध कराकर सेवा कर सकूं। अब पार्टी ने उन्हें देश की सेवा करने का मौका दिया है।
आईएमए ने दी डॉ. महेश शर्मा को बधाई
सांसद महेश शर्मा के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने उन्हें बधाई दी है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एके अग्रवाल ने कहा कि डॉ. महेश शर्मा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल होना नोएडा के लिए गर्व की बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री को आईएमए की ओर से आभार व्यक्त किया है।
पूरा परिवार डॉक्टरी पेशे में
डॉक्टरी पेशा से डॉ. महेश शर्मा को बेहद लगाव है। उनकी पत्नी, बेटी और बेटा भी डॉक्टर हैं। डॉ. महेश शर्मा की पत्नी डॉ. उमा शर्मा स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और कैलाश अस्पताल की उपाध्यक्ष भी हैं। उनकी पुत्री डॉ. पल्लवी नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। बेटा डॉ. कार्तिक शर्मा ने एमबीबीएस करने के बाद यूके से होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया है।
कश्मीर से भी आ रहे बधाई संदेश
दरअसल, डॉ. महेश शर्मा जैसे ही केंद्र में मंत्री बने तो उन्हें देश के कोने कोने से बधाई संदेश भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है। जम्मू कश्मीर में चुनाव प्रचार के लिए गए गुर्जर नेता हरिश्चंद्र भाटी ने कश्मीर से फोन कर उन्हें बधाई दी। इसी तरह से अन्य प्रदेशों से भी बधाइयां मिली हैं।
जाम में फंसे रहे लोग
सांसद डॉ. महेश शर्मा जैसे ही दिल्ली में केंद्रीय मंत्री की शपथ लेकर नोएडा प्रवेश द्वार पर पहुंचे तो वहां वाहनों का काफिला होने के चलते रास्ता जाम हो गया। उनका काफिला नोएडा के जिस रास्ते से गुजरा, वहां पर लोग जाम में फंसते चले गए। ट्रैफिक पुलिस चाहकर भी जाम को नहीं खुलवा पाई।
यह हालत तब थी जब रविवार का अवकाश होने के चलते सरकारी दफ्तरों में छुट्टी थी। जाम में फंसे मोहन रस्तोगी ने बताया कि वे परिवार के साथ दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती परिचित से मिलने जा रहे थे, लेकिन स्वागत के चलते एक घंटे जाम में फंसे रहे। इसके चलते पूरा दिन खराब हो गया।
बच्चे बार-बार कार में यही कहते रहे कि चलो वापस लौट चलो लेकिन जाम के चलते लौट भी नहीं सके। ऐसा ही सैकड़ों लोगों के साथ हुआ। बाइक सवार मनोज सिंह ने बताया कि ऐसा स्वागत समारोह किस काम का जिससे जनता को ही परेशानी हो।