नई सरकार के मंत्री ने गिनाईं चुनौतियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतने वाले राव नरबीर सिंह को हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल गया है। यह मंत्री पद उनके लिए तमाम चुनौतियों से भरपूर है। दक्षिण हरियाणा, गुड़गांव और मेवात के कई मुद्दे उनके लिए किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं होगी। राव नरबीर सिंह ने यह मुकाम अपनी ही पार्टी के अंदर के विरोधियों को पस्त कर हासिल की है।
राव नरबीर सिंह को पार्टी के अंदर ही बड़े नेता के विरोध का सामना करना पड़ रहा था। मगर राव के सामने वह सभी ठेर हो गए। उन्होंने न केवल बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता बल्कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की कैबिनेट में भी स्थान प्राप्त किया। राव नरबीर सिंह को रोकने में दक्षिण हरियाणा के नाम पर लॉबिंग करने वाले विरोधी भी बुरी तरह से फेल हो गए हैं। इससे राव नरबीर सिंह का राजनीति में कद बढ़ा है।
राव नरबीर सिंह के लिए मंत्री पद काफी चुनौतियों भरा साबित होने वाला है। एक तरफ विधानसभा चुनाव में उनकी ओर से क्षेत्रवासियों से किए गए वायदे तो दूसरी तरफ दक्षिण हरियाणा, गुड़गांव और मेवात के मुद्दे उनके लिए काफी चुनौती भरे होंगे। पिछले काफी समय से दक्षिण हरियाणा की उपेक्षा का मुद्दा उठता रहा है। विधानसभा चुनाव में भी यह बड़ा मुद्दा था। इस क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना उनके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होगी। वहीं गुड़गांव और मेवात के भी कई मुद्दे मुश्किल खड़े करेंगे।
क्या हैं दक्षिण हरियाणा के मुद्दे
कुल मिलाकर राव चुनौतियों के मंत्री बने हैं। वह इन परीक्षा पर कितने खरे उतरेंगे यह तो भविष्य ही बताएगा।
दक्षिण हरियाणा के मुद्दे...
-युवाओं के लिए रोजगार
-सिंचाई
-बिजली
-पानी
-सड़क
गुड़गांव की चुनौतियां...
-900 मीटर का मामला
-अनियमित कॉलोनियों को नियमित कराना
-नए और पुराने गुड़गांव के असंतुलन को दूर करना
-पुराने गुड़गांव में मेट्रो को लाना
-युवाओं के लिए रोजगार
-सड़क, बिजली, पानी और सीवर
-कानून-व्यवस्था
-जाम की समस्या खत्म कराना
-औद्योगिक समस्या का समाधान
मेवात की चुनौतियां...
-पिछड़ापन
-मेवात में रेल की पुरानी मांग
-स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करना
-मेवात के युवाओं के लिए रोजगार
-उद्योगों को बढ़ावा देना
-नूंह-फिरोजपुर झिरका फोर लेन
मंत्री बनने के लिए उमेश ने लगाया था जोर
गुड़गांव क्षेत्र से विधायक उमेश अग्रवाल ने भी मंत्री बनने के लिए पूरा जोर लगाया था। उन्होंने बड़ी जीत का हवाला देकर मंत्री पद के लिए लॉबिंग शुरू की थी।
राव नरबीर सिंह से बातचीत
प्रश्न: कैबिनेट मंत्री बनने पर आपको बधाई
राव नरबीर: धन्यवाद
प्रश्न: मंत्री बनने के बाद आपकी प्राथमिकताएं क्या होगी
राव: अभी पोर्टफोलियो नहीं मिला है। फिर भी जनता से जो भी वायदे किए हैं उस पर खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा।
प्रश्न: मंत्री बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती आपके लिए क्या है
राव: ईमानदारी से अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए हर चुनौती से पार पाना है
प्रश्न: विकास का क्या मापदंड होगा
राव: भाजपा सरकार की नीति बिना किसी भेदभाव के समान रूप से प्रदेश भर में विकास कराया जाएगा।
कौन है राव नरबीर सिंह...
राव नरबीर सिंह का जन्म दो अप्रैल, 1961 में हुआ था। हिंदी विश्वविद्यालय इलाहाबाद से इन्होंने स्नातक किया है। स्कूल के दिनों में यह राजस्तरीय फुटबॉल खिलाड़ी थे। इनके दादा राव मोहर सिंह बड़े शिक्षाविद् थे। राव नरबीर सिंह के पिता राव महीबीर सिंह राजनेता थे। 1982 में राव नरबीर सिंह सेंट्रल कोपरेटिव बैंक गुड़गांव के डायरेक्टर बने।
वर्ष 1983 में गैरतपुर बास गांव के सरपंच बने। 1984 में मार्केट कमेटी सोहना के चेयरमैन बने। वर्ष 1987 में जटूसाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। इसके बाद वह गृहराज्य मंत्री बनें। वर्ष 1996 में सोहना विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने और उसी दौरान वह खाद्य आपूर्ति मंत्री बनें थे।