कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए एससी वत्स
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दिल्ली में बिजली निजीकरण में घोटाले की रिपोर्ट देकर पार्टी के लिए संकट खड़ा करने वाले कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ. एससी वत्स ने भाजपा का दामन थाम लिया है।
बुधवार को पार्षद ज्योति नितिन अग्रवाल समेत एक दर्जन साथियों के साथ डॉ. एससी वत्स पार्टी में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वह सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर भाजपा में शामिल हुए हैं और टिकट हासिल करने की इच्छा नहीं है।
बुधवार को भाजपा के प्रदेश प्रभारी प्रभात झा और प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस और आप के कई नेता प्रधानमंत्री की कार्यशैली और विजन देखकर पार्टी में शामिल होने के लिए कतार में हैं।
कांग्रेस छोड़ने का फैसला इसलिए किया क्योंकि...
वहीं डॉ. एससी वत्स ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में सचिव रहकर देशभर में प्रशिक्षण की जिम्मेदारी संभालने और दो बार विधायक रहने के बाद कांग्रेस छोड़ने का फैसला इसलिए किया क्योंकि वहां राजनीतिक दर्शन का अभाव हो गया। प्रधानमंत्री ने पारदर्शी सरकार दी और वह उनके फैन बन गए हैं।
शामिल होने वाले नेताओं में डीपीसीसी सचिव संदीप यादव, पूर्व महामंत्री इंद्रराज सिंह, जंगपुरा से महिला कांग्रेस नेता रेखा वोहरा बहल, पीतमपुरा से प्रीति जैन और पूर्व आईआरएस अधिकारी एसपी सिंह एवं शिक्षाविद बीएन शर्मा हैं।
पूर्व विधायक व भाजपा नेता डॉ. एससी वत्स ने कहा कि लोक लेखा समिति का अध्यक्ष रहते बिजली निजीकरण को लेकर जो रिपोर्ट तैयार की थी, वह सत्य थी। कोर्ट ने भी उस पर मुहर लगाई है। जब भाजपा की सरकार आएगी तो विधानसभा में आठ सप्ताह के दौरान उसे रखा जाएगा।