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EVM हैक ने कपिल मिश्रा का भ्रष्टाचार मुद्दा भी किया हैक, कब तक चुप रहेंगे केजरीवाल
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 10 May 2017 10:44 AM IST
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केजरीवाल-सिसोदिया।
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी का लाइव डेमो कपिल मिश्रा के हमले के बीच कितना ढाल बनेगी, इस पर चर्चा शुरू हो गई है। मंगलवार को जहां कपिल मिश्रा सीबीआई में शिकायत देने पहुंचे लेकिन सदन में ईवीएम पर चर्चा बढ़ गई। विधानसभा के इस सत्र में ईवीएम हैक करने का डेमो दिए जाने के साथ ही मीडिया व लोगों के बीच कपिल मिश्रा के लगाए गए भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी इसने हैक कर लिया।
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आम आदमी पार्टी ने संकट के समय पहले भी कई बार विशेष सत्र बुलाकर केन्द्र सरकार पर हमले बोले हैं। इसमें एक बार सदन में टेप सुनाने केबाद अब ईवीपी और डिस्प्ले बोर्ड से डेमो दिया है।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मंत्री सत्येंद्र जैन समेत पूरी पार्टी के चुनिंदा नेताओं पर पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। जहां पहले दिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप को जबाव देने लायक भी नहीं बताया तो वहीं अभी तक इस पूरे आरोप को लेकर सत्येंद्र जैन के अलावा कोई मंत्री नहीं बोला है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विस सत्र के बाद पत्रकारों ने पूछा तो सबकुछ झूठ कहकर मुख्यमंत्री निकल गए।
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आप सरकार पर जब-जब कोई संकट या केन्द्र सरकार का बड़ा आदेश आया तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली कैबिनेट ने विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। शुरुआत 26 मई 2015 को केन्द्र सरकार की 21 मई, 2015 को जारी एक अधिसूचना पर चर्चा केलिए विशेष सत्र बुलाने से हुई। 3 अगस्त, 2015 को महिला सुरक्षा केलिए एक जांच आयोग बनाया और एसीबी छीने जाने पर चर्चा की।
22 दिसंबर, 2015 को मुख्यमंत्री कार्यालय और राजेन्द्र कुमार के दफ्तर पर सीबीआई छापेमारी और दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन में धांधली का अरुण जेटली पर जांच आयोग गठन प्रस्ताव विशेष सत्र बुलाकर पास किया गया। विशेष सत्र में प्रश्नकाल ना होने की वजह से जनता के मुद्दे गुम होते दिखाई देते हैं।
आप सरकार ने 9 सितंबर, 2015 को विशेष सत्र में उपराज्यपाल की तरफ से अधिकारियों के स्थानांतरण-नियुक्ति आदेश, मुख्यमंत्री की सुरक्षा में सेंध और विस सचिव ट्रांसफर पर चर्चा हुई। तो वहीं 15 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर मुख्यमंत्री रहते काला धन लेने का आरोप भी विधानसभा के विशेष सत्र में सदन में कुछ सबूतों को पेश करके कार्र्यवाही में शामिल कराया। इतना ही नहीं एक विशेष सत्र में पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने भाजपा के बड़े नेताओं के खिलाफ रिकर्डिंग सदन में सुनाई।