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प्रद्युम्न की मौत के बाद भी कुछ स्कूल साइकोमेट्रिक टेस्ट को लेकर गंभीर नहीं

Sun, 01 Oct 2017 10:14 AM IST
टीम डिजिटल /अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल /अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 01 Oct 2017 10:14 AM IST
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Even after the Pradyumna massacre some schools are not serious about the psychometric test
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने गुरुग्राम स्थित रेयान स्कूल में सात साल के बच्चे की हत्या के बाद स्कूलों को स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन व साइकोमेट्रिक टेस्ट कराने के निर्देश दिए थे। जहां कुछ स्कूलों ने तो इसकी तैयारी शुरू कर दी है। वहीं कुछ स्कूल इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। काफी स्कूल साइकोमेट्रिक टेस्ट को लेकर गंभीर ही नहीं है।
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इस टेस्ट को शिक्षकों के लिए अपमानजनक मान रहे हैं। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.सी जैन ने कहा कि साइकोमेट्रिक टेस्ट से एक तरह से हम शिक्षक का अपमान करेंगे। इससे यह लगेगा कि जो स्टाफ अब तक पढ़ा रहा था उस पर हमें भरोसा नहीं है।
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जहां तक पुलिस वेरिफिकेशन की बात है तो स्टाफ के परिवार वाले आपत्ति जता सकते हैं। जो स्टाफ बीते कई सालों से काम कर रहा है उसका वेरिफिकेशन कैसे करा सकते हैं। एक नामी स्कूल की प्रिंसिपल ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चरणबद्ध तरीके से इसे अंजाम दिया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि सीबीएसई ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। उसमें स्टाफ वेरिफिकेशन और साइकोमेट्रिक टेस्ट कराने के लिए कहा गया था। सुरक्षा से जुड़े किसी नियम का उल्लंघन करने पर स्कूल की संबद्धता छीनने की बात भी कही गई थी। सुरक्षा का ऑडिट करा उसकी रिपोर्ट दो महीने के भीतर ऑनलाइन जमा कराने के निर्देश बोर्ड देे चुका है। 
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