मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने पर एस्कॉर्ट हॉस्पिटल पर एक करोड़ का जुर्माना
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दिल्ली राज्य उपभोक्ता आयोग ने अनावश्यक उपचार और लापरवाही के आरोप में एस्कॉर्ट मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने पर एस्कॉर्ट हॉस्पिटल पर एक करोड़ का जुर्माना पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना किया है। एनपी कौशिक की अध्यक्षता वाले आयोग ने ऐसे इलाज के लिए 75 लाख रुपये का जुर्माना देने का कहा है जिसके बारे में अस्पताल कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका है।
जबकि इसी मामले में अस्पताल की ओर से बरती गई लापरवाही के लिए कोर्ट ने पीड़ित मरीज के परिवार को 20 लाख रुपये का जुर्माना देने को कहा है जो इस राशि पर 2008 से लगे इंट्रेस्ट के साथ लगभग 25 लाख होगी।
इस मामले में अस्पताल की लापरवाही के चलते मरीज का पैर काटना पड़ा। इस दौरान मरीज की मौत हो गई। कमीशन ने उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत ये कार्यवाई की है।
इलाज के बाद लापरवाही बरतने से हुई पत्नी की मौत
केसी मल्होत्रा ने 2008 में अस्पताल की शिकायत की थी। छह साल के लंबे संघर्ष के बाद उन्हें उनकी पत्नी की मौत का न्याय मिला है। मल्होत्रा का आरोप था कि उनकी पत्नी को सितंबर और नवंबर 2006 के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मल्होत्रा का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के चलते पहले तो उनकी पत्नी का पैर काटना पड़ा और बाद में असहनीय पीड़ा के बाद उनकी मौत हो गई। जबकि उनकी पत्नी को वाइपास सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था।
सर्जरी के बाद उन्हें लगातार हो रहे दर्द की अनदेखी की गई और इसके इलाज के लिए उन्हें होम्योपैथी विभाग में शिफ्ट कर दिया गया। जिसके बाद उनही हालत बिगड़ती गई और उनकी मौत हो गई।