राजधानी में प्रदूषण पर वार: बढ़ेंगे मेट्रो-बसों के फेरे, ग्रेप-2 लागू, हॉट स्पॉट की सघन निगरानी होगी
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि सीएक्यूएम के आदेश पर दिल्ली में ग्रेप-2 लागू कर दिया गया है। बैठक के बाद मंत्री ने हॉटस्पॉट पर सघन निगरानी, डस्ट सप्रेसेंट मिलाकर हॉट स्पॉट पर पानी के छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है।
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दिल्ली सरकार ने पानी का छिड़काव सहित दूसरे उपाय तेज करने का निर्देश दिया है। साथ ही सड़कों पर वाहन कम करने के लिए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने डीटीसी और मेट्रो के फेरे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। आदेश के बाद डीटीसी ने फ्रीक्वेंसी बढ़ाई है। वहीं मेट्रो ने 40 फेरे बढ़ा दिए हैं। साथ ही मेट्रो को आगे और ज्यादा फेरे बढ़ाने के लिए कहा गया है।
सड़कों से निजी परिवहन को कम करने के लिए वाहन पार्किंग शुल्क में वृद्धि को लेकर संबंधित विभाग को जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली से सटे राज्यों की सरकारों को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि जबतक दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है, वे अपनी डीजल बसों के स्थान पर सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों को ही भेजें।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि सीएक्यूएम के आदेश पर दिल्ली में ग्रेप-2 लागू कर दिया गया है। बैठक के बाद मंत्री ने हॉटस्पॉट पर सघन निगरानी, डस्ट सप्रेसेंट मिलाकर हॉट स्पॉट पर पानी के छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली में सड़कों की सफाई के लिए एमसीडी के 6200 सफाई कर्मचारी को लगाया जाएगा। साथ ही यातायात के सुचारू प्रवाह और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर 1800 ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है।
गार्ड्स को हीटर उपलब्ध कराएं
राय ने कहा, सभी सरकारी विभागों, प्राइवेट एजेंसी, कंस्ट्रक्शन साइट को निर्देश दिया गया है कि रात की ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड को हीटर उपलब्ध करवाएं ताकि वो सर्दियों के दौरान खुले में बायोमास नहीं जलाएं।। पीडब्ल्यूडी को आदेश दिया है कि वे मोबाइल एंटी स्मॉग गन की तैनाती निर्माण कार्य स्थलों तथा धूल वाले स्थलों पर भी करें। हॉट स्पॉट पर कोऑर्डिनेशन टीम को प्रतिदिन दौरा करने का निर्देश दिया गया है। एंटी डस्ट टीम को प्रतिदिन कम से कम दो सी एंड डी साइट का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
10 मिनट के अंतराल में मिलेंगी बसें
वायु प्रदूषण से जंग के लिए सार्वजनिक परिवहन सुविधा को अधिक इस्तेमाल करने पर दिल्ली सरकार का जोर है। दिल्ली सरकार ने डीटीसी की बसों के फेरे बढ़ाने को कहा है। वर्तमान में दिल्ली सरकार का दावा है कि बस स्टॉप पर हर 15 मिनट के अंतराल में बसें पहुंचती हैं। इसे अब कम कर 10 मिनट करने पर दिल्ली परिवहन निगम विचार कर रहा है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि कई बार बसें जाम में फंस जाती हैं। ऐसे में उसकी फ्रीक्वेंसी बाधित होती है। बसें जाम में न फंसे इसको लेकर ट्रैफिक पुलिस के साथ बैठक की जाएगी। बता दें कि राजधानी में सार्वजनिक बसों की बात करें तो यहां 11 हजार बसों की जरूरत है, लेकिन 7582 बसें ही उपलब्ध हैं।
जनता की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही आप : कांग्रेस
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान के बाद भी राजधानी में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब श्रेणी में रहा।
दिल्ली सरकार की योजनाओं सहित रेड लाइट ऑन-गाड़ी ऑफ अभियान से हवा की गुणवत्ता में कोई फर्क नहीं पड़ा। दिल्ली में धुंध की परत छाने से प्रदूषण दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य में गंभीर समस्याएं हो रही है। यादव ने कहा कि आश्चर्य की बात है कि अरविंद केजरीवाल और आप के मंत्री दिल्ली की जहरीली हवा के लिए हरियाणा और यूपी में पराली जलाने की बात तो जोर शोर से कर रहे है, जबकि आप शासित पंजाब में पराली जलाने पर कोई नियंत्रण नही कर रहे है। इस पर सुप्रीम कोर्ट तक ने चिंता जताई है।
प्रदूषण के लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदार
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूणावाला ने दिल्ली बढ़ते प्रदूषण पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया है। पूणावाला ने कहा, आज फिर दिल्ली में एक्यूआई खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। कुछ इलाकों में यह 400 से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली गैस चैंबर बन गई है और इसके लिए केजरीवाल जिम्मेदार हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, पिछले दस सालों में प्रदूषण की रोकथाम के लिए कोई काम नहीं किया गया। उन्होंने वाहनों के प्रदूषण, सड़क के धूलकण, निर्माण और पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कुछ नहीं किया। पूणावाला ने कहा, वे प्रदूषण के लिए दिवाली जैसे हिंदू त्योहारों को दोष देते हैं, जबकि दिल्ली में हवा से पानी तक सभी चीज जहरीली हो गई है।
गैस चैंबर बनी दिल्ली : सचदेवा
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण रोधी कदम उठाने में पूरी तरह विफल रही। इसके अलावा सर्दी शुरू होने से बहुत पहले ही मौजूदा समय दिल्ली एक मिनी गैस चैंबर बन चुकी है। सचदेवा ने दावा करते हुए कहा कि भूगोल बताता है कि दिल्ली का मौसम व प्रदूषण दोनों पंजाब व हिमाचल प्रदेश से आने वाली हवाएं तय करती हैं। लेकिन, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री अपनी विफलता को हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान पर दोष डालते रहते हैं।
प्रदूषण के स्तर पर गौर करें : हाई कोर्ट
उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राजधानी में बढ़ते प्रदूषण का हवाला देते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) परिसर में एक नए ब्लॉक के निर्माण के लिए 70 से अधिक पेड़ों को प्रत्यारोपित करने के प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति व्यक्त की। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी अन्य स्थान पर पेड़ लगाने से शहर को कोई लाभ नहीं होगा, क्योंकि शहर वायु प्रदूषण के चिंताजनक स्तर से जूझ रहा है। राजधानी में एक्यूआई स्तर का उल्लेख करते हुए अदालत ने एम्स से उसके आगामी क्रिटिकल केयर सेंटर की संरचनात्मक योजना पेश करने को कहा, जिसके लिए 75 पेड़ों को हटाने की आवश्यकता है और प्रस्तावित प्रत्यारोपण की योजना भी पेश करने को कहा।
दिल्ली के संरक्षित तालाब पर सड़क बनाने के लिए एनजीटी ने एनएचएआई से मांगा जवाब
दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले में एक संरक्षित तालाब पर अतिक्रमण कर राजमार्ग निर्माण पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने एनएचएआई के चेयरमैन और अन्य से जवाब मांगा। एनजीटी ने एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गोयला खुर्द गांव में तालाब के ऊपर एक एक्सटेंशन मार्ग का निर्माण किया है। यह तालाब दिल्ली जल निकाय अधिनियम के तहत संरक्षित था। 16 अक्तूबर के आदेश में एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने कहा, मीडिया रिपोर्ट से पता चलता है कि एनएचएआई ने पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन किए बिना ही परियोजना आगे बढ़ाई। इससे स्थानीय जैव विविधता को खतरे पैदा हुआ। आरोप है कि तालाब का 80 फीसदी हिस्सा पहले ही निर्माण की भेंट चढ़ चुका है।